शिखिल ब्यौहार, भोपाल। राजधानी में ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। सेकेंड पीएम के लिए ट्विशा का परिवार हाईकोर्ट जाएगा। ट्विशा के परिजन अब हाईकोर्ट रुख करेंगे।
फिलहाल PM-2 की मांग पर राहत देने से इनकार
बता दें कि कल जिला कोर्ट से दोबारा पोस्टमार्टम (PM-2) के लिए अनुमति नहीं मिली है। कोर्ट ने फिलहाल PM-2 की मांग पर राहत देने से इनकार किया है। परिजनों ने पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की थी।आरोपी पति समर्थ अब भी फरार है। कोर्ट ने 23 मई को पेश होने के निर्देश दिए। परिजनों का आरोप है कि गिरिबाला ने ट्विशा की मौत के बाद कई जजों को कॉल किए।
21 मई महाकाल आरती: मस्तक पर त्रिशूल, त्रिनेत्र त्रिपुंड अर्पित कर भगवान महाकालेश्वर का श्रृंगार,
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने जांच रिपोर्ट मांगी
मामले में उप सचिव मध्यप्रदेश शासन खाद्य विभाग ने पत्र जारी किया है। खाद्य विभाग के उप सचिव ने रजिस्ट्रार राज्य उपभोक्ता आयोग को पत्र लिखा है। पत्र में लिखा गिरीबाला सिंह के विरुद्ध दर्ज प्रकरण के चलते उपभोक्ता संरक्षण नियम 2020 के उप नियम 9 (2) जिसमें पद से हटाना शामिल है के अनुसार जांच कर प्रतिवेदन शीघ्र उपलब्ध कराने का कष्ट करें।दहेज प्रताड़ना केस दर्ज होने के बाद विभाग सख्त हो गया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने जांच रिपोर्ट मांगी है। आयोग अध्यक्ष की नियुक्ति और आचरण नियमों के तहत जांच होगी। शासन ने जांच प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए है। गिरिबाला सिंह भोपाल-2 जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष हैं। मामले के बाद उपभोक्ता आयोग में हड़कंप मचा है।
नौतपा से पहले तप रहा मध्यप्रदेश: खजुराहो में पारा 47.4 डिग्री के पार, कई जिलों में रेड अलर्ट
दहेज की लालच प्रमुख वजह
ट्विशा शर्मा मौत मामले में मॉडल से साध्वी बनी स्वामी हर्षानंद गिरि (पूर्व में हर्षा रिछारिया) का भी बयान सामने आया है। लिखा- दहेज प्रथा बेटियों की मौत का बड़ा कारण है। ट्विशा शर्मा, पलक और दीपिका जैसे तीन मामलों ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। इनमें दहेज की लालच प्रमुख वजह बनकर सामने आई है। माता-पिता अपनी बेटी को यह सोचकर ससुराल भेजते हैं कि उन्होंने पर्याप्त धन दिया है लेकिन दहेज के लालच की कोई सीमा नहीं होती जब यह लालच बढ़ता है, तो अंततः बेटी की जिंदगी ही खत्म हो जाती है।

