शब्बीर अहमद, भोपाल। बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब दो बड़े घटनाक्रम एक साथ सामने आए हैं। एक तरफ जहां केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने केस को पूरी तरह टेक ओवर करने से पहले अपनी प्रारंभिक छानबीन (इंस्पेक्शन) तेज कर दी है, वहीं दूसरी तरफ देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मीडिया और दोनों पक्षों के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं।

पोस्टमार्टम और पुलिसकर्मियों से CBI की पूछताछ

किसी भी हाई-प्रोफाइल मामले को आधिकारिक तौर पर हाथ में लेने से पहले सीबीआई एक विस्तृत इंस्पेक्शन करती है। इसी कड़ी में सीबीआई की टीम ने कल सुबह से लेकर देर रात तक जबलपुर में सघन छानबीन की। टीम ने ट्विशा के पोस्टमार्टम में ‘लिंगेचर’ (फंदे के निशान या उससे जुड़ी जानकारियां) न दिए जाने को लेकर तत्कालीन इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर (IO) से तीखे सवाल-जवाब किए। इसके अलावा, इस मामले की शुरुआती जांच से जुड़े कई अन्य पुलिसकर्मियों से भी सीबीआई ने लंबी बातचीत की है। माना जा रहा है कि इस इंस्पेक्शन रिपोर्ट के बाद सीबीआई जल्द ही केस को पूरी तरह टेक ओवर कर लेगी।

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

इसी बीच, ट्विशा शर्मा केस की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में भी हुई। देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अगुवाई वाली 3 जजों की बेंच ने मामले को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इसकी निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है। कोर्ट ने राज्य सरकार को केस ट्रांसफर की प्रक्रियाओं को सुचारू करने का निर्देश दिया।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m