रांची। झारखंड में JPSC परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब वन क्षेत्र पदाधिकारी और सहायक वन संरक्षक भर्ती परीक्षा भी सवालों के घेरे में आ गई है। सीआईडी जांच में कथित गड़बड़ियों के संकेत मिलने के बाद दोनों परीक्षाओं को रद्द किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

वन क्षेत्र पदाधिकारी नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा के साथ-साथ सहायक वन संरक्षक नियुक्ति परीक्षा में भी अनियमितता सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, अभी तक JPSC की ओर से दोनों परीक्षाओं को रद्द करने की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही JPSC की तीन परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा कर चुके हैं। ऐसे में अब इन दोनों परीक्षाओं को लेकर भी अभ्यर्थियों की नजर आयोग के अगले फैसले पर है।

मुख्य परीक्षा हो चुकी, रिजल्ट भी जारी

दोनों परीक्षाओं की मुख्य परीक्षा पहले ही आयोजित हो चुकी है और परिणाम भी जारी किया जा चुका है। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों की शारीरिक जांच की प्रक्रिया शुरू होनी थी।

वन क्षेत्र पदाधिकारी के लिए 11 से 13 अगस्त और सहायक वन संरक्षक के लिए 17-18 अगस्त को शारीरिक जांच प्रस्तावित थी। लेकिन आयोग ने फिलहाल दोनों की शारीरिक जांच अगले आदेश तक स्थगित कर दी है।वन क्षेत्र पदाधिकारी के 170 पद, जबकि सहायक वन संरक्षक के 78 पदों पर नियुक्ति के लिए यह भर्ती प्रक्रिया चल रही है।

प्रश्नपत्र की भाषा को लेकर भी विवाद

सहायक वन संरक्षक की मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र में कई शाब्दिक अशुद्धियां सामने आई थीं। इन गलतियों को लेकर आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। अब सीआईडी जांच में कथित अनियमितताओं की जानकारी सामने आने के बाद परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।फिलहाल अभ्यर्थियों की निगाहें JPSC के आधिकारिक फैसले पर टिकी हैं।