सुप्रिया पाण्डेय, रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी के बीच मंगलवार को राजधानी रायपुर के महंत घासीदास ऑडिटोरियम में मुस्लिम समाज के प्रबुद्धजनों की बड़ी बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड की ओर से किया गया। इसमें डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता और समाज के अन्य प्रबुद्धजन शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता फैजल रिजवी ने की। शहर काजी कारी इमरान अशरफी ने भी UCC को लेकर अपने विचार रखे।

सलीम राज ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का लगाया आरोप

इस दौरान छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि UCC को लेकर कांग्रेस के कुछ लोग भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं, जबकि वास्तविक स्थिति अलग है। उन्होंने कहा कि समाज की ओर से कमेटी के समक्ष अपनी बात और आपत्तियां रखी जाएंगी।

उन्होंने कहा कि देश संविधान और कानून के अनुसार चलेगा, शरीयत के कानून के अनुसार नहीं। साथ ही संविधान में सभी को धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार भी दिया गया है। बैठक में UCC के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा हुई।

लिव-इन रिलेशनशिप के प्रावधान पर आपत्ति

इसके साथ ही लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता दिए जाने के प्रावधान पर आपत्ति जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि तीन तलाक और लिव-इन रिलेशनशिप का प्रावधान समाज के लिए उचित नहीं हैं और मुस्लिम समाज इसके खिलाफ है। बैठक में कहा गया कि जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता वाली कमेटी के समक्ष मुस्लिम समाज की ओर से सुझाव और आपत्तियां रखी जाएंगी।

सुझावों को कमेटी के सामने रखेंगे- फैजल रिजवी

वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता फैजल रिजवी ने कहा कि समाज के प्रबुद्धजनों से चर्चा के बाद इन सुझावों को कमेटी के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि UCC को लेकर छत्तीसगढ़ के लिए अलग और गुजरात के लिए अलग व्यवस्था नहीं होनी चाहिए, बल्कि पूरे देश में एक समान कानून होना चाहिए।

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