देहरादून. पूर्व सीएम हरीश रावत ने तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और उद्धव ठाकरे (शिवसेना) पार्टी में हुई टूट को लेकर भाजपा सरकार पर करारा हमला बोला है. हरीश रावत ने लोकतंत्र को खतरा बताते हुए छोटे-बड़े दलों में तोड़-फोड़ होने की आशंका जताते हुए सावधान और एकजुट होने की सलाह दी है.

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हरीश रावत ने कहा, क्या भारत संसदीय दलविहीन चुनाव प्रणाली की तरफ बढ़ रहा है? भाजपा के इरादों से तो यही लगता है. अभी-अभी आप पार्टी में टूट, फिर तृणमूल में टूट और अब उद्धव ठाकरे जी की पार्टी में फिर से टूट! कब बारी चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार जी की पार्टी की आएगी, यह देखना बाकी है. उम्मीद है, बहुत जल्दी इनका हश्र भी शिरोमणि अकाली दल, पंजाब की तरह होगा. संसदीय लोकतंत्र बहुदलीय प्रणाली पर आधारित है और मोदी जी के नेतृत्व में देश एकदलीय प्रणाली की तरफ आगे बढ़ रहा है.

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हरीश रावत ने आगे कहा, शायद “One Nation-One Election” के संविधान संशोधन का उनको इंतजार है और उसके बाद रूस और चीन की तरह Guided Democracy से भारत में भी वह सत्ता का संचालन करना चाहते हैं. नहीं तो सरकार चलाने के लिए उन्हें अब किसी पार्टी में कोई तोड़-फोड़ की आवश्यकता नहीं थी. मगर इरादा और खतरनाक है, इसलिए सभी छोटे-बड़े दलों में तोड़-फोड़ की जा रही है. जो लोग बहुदलीय संसदीय प्रणाली के पक्ष में हैं, उनको इस खतरे से सावधान होकर एकजुटता से काम करने की आवश्यकता है.