देहरादून. औली में ‘युद्ध अभ्यास 2026’ के दौरान अमरीका और भारतीय सेना के जवानों ने आतंकवाद-विरोधी अभियानों के लिए साथ मिलकर अभ्यास किया. उन्होंने बिल्डिंग-क्लियरेंस और रूम-इंटरवेन्शन ड्रिल की, जिसे आमने-सामने की लड़ाई वाले हालात को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था.
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इस ड्रिल में ड्रोन, रोबोटिक डॉग, डॉग स्क्वॉड और स्नाइपर की मदद से हमला करने वाली टीमें शामिल थीं. इससे आतंकवाद-विरोधी अभियानों के दौरान खास तौर पर प्रशिक्षित जवानों और टेक्नोलॉजी के तालमेल से किए जाने वाले काम को दिखाया गया.
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अमेरिकी सेना के जवानों ने भी अभ्यास में शामिल सैनिकों से संवाद किया और उपकरणों का अवलोकन करते हुए अभ्यास के दौरान प्रदर्शित की गई क्षमताओं एवं तकनीकों को बेहतर ढंग से समझा. इस प्रशिक्षण से दोनों सेनाओं के बीच प्रोफेशनल जानकारी के आदान-प्रदान, रणनीतिक समझ और एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने की क्षमता को और मज़बूती मिली.



