देहरादून. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सियासी पारा अपने चरम पर है. चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद अब उनकी सदस्यता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. नेता विपक्ष यशपाल आर्य ने इसे इस्तीफा घोटाला करार दिया है. उन्होंने पोस्ट कर कहा, रामलला के “चढ़ावा चोरों” के बाद अब “इस्तीफ़े में भी घोटाला”? करोड़ों रुपये के चढ़ावा चोरी में शुरुआत से ही बड़े मगरमच्छों को बचाने और छोटी मछलियों को फंसाने का खेल चल रहा है !
इसे भी पढ़ें- राम मंदिर के बाद बद्रीनाथ में चंदा चोरी… भड़के प्रदेश कांग्रेस अध्य़क्ष गणेश गोदियाल, कहा- आस्था के नाम पर लूट और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं
आगे यशपाल आर्य ने कहा, पहले “चंदा चोरी” से लेकर अब “चढ़ावा चोरी” तक प्रभु श्रीराम का धाम में लूट महापाप है ! आस्था, नैतिकता और लोकलाज को कब का घोलकर पी चुके भाजपा सरकार व ट्रस्ट में बैठे चंदाचोरों के आका, जनता के दबाव में दिलाए दिखावे के इस्तीफ़े को भी ठेंगा दिखा रहे हैं !
इसे भी पढ़ें- उत्तराखंड में CM धामी के 5 साल, गणेश गोदियाल ने पूछा तीखा सवाल, कहा- प्रदेश भ्रष्टाचार और बेरोजगारी से जूझ रहा
उन्होंने एक न्यूज शेयर करते हुए ये भी कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा इस्तीफ़े के बाद भी ज़िन्दगी भर “श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट” के सदस्य बने रहेंगे ! ट्रस्ट के नियमों में पहले से ही इंतजाम है कि इस्तीफ़े के बाद भी किसी व्यक्ति को केवल पद से हटाया जाएगा ट्रस्ट की सदस्यता खत्म नहीं होगी ! पीएम मोदी ने 5 फरवरी 2020 को लोकसभा में इस ट्रस्ट के गठन की अधिकारिक घोषणा की थी और केंद्रीय कैबिनेट ने इस ट्रस्ट के गठन और नियमों को मंजूरी दी थी !
इसे भी पढ़ें- 5 साल पूरे करने वाले BJP के पहले सीएम बने धामी, देवभूमि की जनता का जताया आभार, गिनाई सरकार की उपलब्धियां
आगे उन्होंने कहा, अब हर बार की तरह “भाजपा का कुटिल तंत्र” और “फरेब का इकोसिस्टम” इस “महापाप” पर भी पर्दा डालने में ही लग गया है ! मगर याद रहे करोड़ों राम भक्तों के आस्था से खिलवाड़ का ये “कुकर्म” देश कभी कामयाब नहीं होने देगा. ट्रस्ट के नाम पर भाजपा के शासन में फलते भ्रष्ट सिस्टम को ध्वस्त करना ही होगा !

