लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बुखार के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है. उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि H1N1 को लेकर लखनऊ के स्वास्थ्य महानिदेशालय में उच्चस्तरीय बैठक चल रही है. बैठक में प्रदेश में अचानक बढ़े बुखार के मामलों, मरीजों की पहचान और दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा की जा रही है.

ब्रजेश पाठक ने कहा कि खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और लखनऊ में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है. ऐसे मरीजों की पहचान कर उन्हें जरूरी उपचार और दवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

इसे भी पढ़ें- अंकित बालियान हत्याकांड पर भिड़े जयंत-अखिलेश, जाति की राजनीति पर RLD चीफ ने सुनाई खरी-खरी

पश्चिमी यूपी और लखनऊ पर खास नजर

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश को सतर्क मोड पर रखा गया है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुखार के मरीजों की निगरानी की जा रही है और जरूरत के अनुसार जांच व उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है. स्वास्थ्य विभाग किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है.

मुरादाबाद में H1N1 का एक पुष्ट मामला

जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में H1N1 का एक पुष्ट मामला सामने आया है. यहां 42 वर्षीय महिला के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. फिलहाल प्रदेश के अन्य हिस्सों में H1N1 के व्यापक प्रसार की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है. स्वास्थ्य विभाग का जोर संक्रमित मरीजों की पहचान, निगरानी और समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर है.

दिल्ली में 2,600 से ज्यादा मामले

राजधानी दिल्ली में H1N1 के मामलों में तेज वृद्धि की जानकारी सामने आई है. अब तक यहां मामलों की संख्या 2,600 के पार पहुंचने का दावा किया गया है. इसी के मद्देनजर पड़ोसी राज्यों में भी स्वास्थ्य विभाग अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है. हालांकि, उत्तर प्रदेश सरकार ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है.

फेफड़ों तक पहुंचने पर गंभीर हो सकता है संक्रमण

H1N1 संक्रमण कुछ मामलों में गंभीर रूप ले सकता है. वायरस फेफड़ों की छोटी वायु थैलियों यानी एल्वियोली में सूजन पैदा कर सकता है. गंभीर संक्रमण में इनमें तरल जमा होने से खून में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिर सकता है. ऐसी स्थिति में निमोनिया और एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (ARDS) जैसी गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं. यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग बुखार और सांस से जुड़ी समस्या वाले मरीजों की पहचान और समय पर इलाज पर जोर दे रहा है.

इसे भी पढ़ें- रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदलीं, सांप ने एक ही परिवार के 3 लोगों को डसा; मासूम समेत 2 की मौत

ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं और सरकार हर स्थिति के लिए तैयार है. उन्होंने लोगों से अनावश्यक भय न फैलाने और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की.