लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को भाजपा सरकार पर दो अलग-अलग मुद्दों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक ओर एथनॉल मिश्रित ईंधन नीति को “सरकारी मिलावट” बताते हुए इसे मुनाफाखोरी का माध्यम करार दिया, वहीं बलिया में पुलिस हिरासत में दलित युवक की मौत को लेकर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
खाद्यान्न से ईंधन बनाने से खाद्य महंगाई
अखिलेश यादव ने कहा कि एथनॉल के समर्थन में प्रदूषण कम होने और कच्चे तेल के आयात में कमी जैसे तर्क दिए जाते हैं, लेकिन सरकार यह नहीं बता रही कि इससे वाहनों की माइलेज घट रही है, इंजन जल्दी खराब हो रहे हैं, मेंटेनेंस का खर्च बढ़ रहा है और आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एथनॉल की वजह से पुरानी गाड़ियों में तकनीकी दिक्कतें बढ़ रही हैं तथा खाद्यान्न से ईंधन बनाने से खाद्य महंगाई और जल संकट की समस्या भी बढ़ सकती है।
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सरकार सत्ता के अहंकार में संवेदनहीन हो गई
सपा अध्यक्ष ने सरकार से सवाल किया कि आखिर कुछ मुनाफाखोरों के हित में आम जनता का शोषण क्यों किया जा रहा है।इसके साथ ही उन्होंने बलिया में पुलिस हिरासत में दलित युवक की मौत को अत्यंत शर्मनाक बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार में गरीबों, दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में पुलिस बेलगाम हो चुकी है और पीड़ितों को न्याय नहीं मिल रहा। उन्होंने मेरठ की घटना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार सत्ता के अहंकार में संवेदनहीन हो गई है।
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अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और पुलिस हिरासत में मौतों के मामलों को लेकर सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार के शासन से परेशान है और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगी।

