लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार के महावृक्षारोपण अभियान पर निशाना साधते हुए भाजपा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि 35 करोड़ पौधे लगाने का अभियान वास्तव में “भ्रष्टारोपण” का कार्यक्रम है और इसके जरिए बड़े पैमाने पर धन के दुरुपयोग की योजना बनाई गई है।
रविवार को जारी बयान में अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में हर विभाग और हर योजना भ्रष्टाचार से प्रभावित है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में सरकार ने कागजों पर ही पौधरोपण किया है, जबकि जमीन पर लगाए गए अधिकांश पौधे देखभाल के अभाव में सूख गए। उनका आरोप था कि हर वर्ष वृक्षारोपण अभियान के नाम पर बजट खर्च कर दिया जाता है, लेकिन अभियान समाप्त होने के बाद पौधों के संरक्षण और पर्यावरण की चिंता नहीं की जाती।
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सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में पर्यावरणीय संकट लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वायु और जल प्रदूषण गंभीर समस्या बन चुके हैं तथा नदियों की सफाई के लिए किए गए सरकारी दावे भी पूरे नहीं हुए। उन्होंने कहा कि गंगा, यमुना और अन्य नदियों की स्थिति चिंताजनक है और सफाई के लिए आवंटित बजट भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।
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अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय लखनऊ में गोमती नदी की सफाई कराई गई थी और विश्वस्तरीय गोमती रिवरफ्रंट विकसित किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार ने गोमती रिवरफ्रंट की उपेक्षा की और उसकी स्थिति खराब होने दी।

