अनूप मिश्रा, बहराइच. जिले के विशेश्वरगंज ब्लॉक अंतर्गत सुल्ताना माफी और बरईपुरवा गांव में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन वितरण में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण के लिए भेजा जाने वाला राशन जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच रहा है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है.
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ग्रामीणों के अनुसार, आंगनबाड़ी केंद्रों से मिलने वाला दलिया, दाल और अन्य खाद्य सामग्री पिछले कई महीनों से वितरित नहीं की गई है. सुल्ताना माफी निवासी राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी काव्या जायसवाल के नाम पर मिलने वाला राशन उन्हें नहीं दिया गया. उन्होंने बताया कि राशन दिलाने के नाम पर उनसे 500 की अवैध वसूली भी की गई, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कोई लाभ नहीं मिला.
राजेश का दावा है कि उन्होंने एक व्यक्ति को राशन की बोरी ले जाते हुए पकड़ भी लिया था. वहीं ग्रामीण रमेश कुमार ने आरोप लगाया कि जब लोग राशन की मांग करते हैं तो आंगनबाड़ी कर्मी यह कहकर टाल देते हैं कि ऊपर के अधिकारियों को भी हिस्सा देना पड़ता है और पर्याप्त राशन नहीं आता है. ज्ञानवती और आरती देवी ने बताया कि उन्हें करीब एक वर्ष से राशन नहीं मिला है. हर बार पूछने पर “राशन नहीं आया” कहकर वापस भेज दिया जाता है. ग्रामीण बेचन बाबा ने भी आरोप लगाया कि बेटी के जन्म पर सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर उनसे 500 लिए गए, लेकिन न तो योजना का पैसा मिला और न ही राशन उपलब्ध कराया गया.
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ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चों और महिलाओं के हक का राशन बाजार में बेचा जा रहा है. लगातार कई महीनों तक राशन न मिलने और योजनाओं के नाम पर पैसे वसूलने से पूरे मामले में भ्रष्टाचार की आशंका गहरा गई है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के स्टॉक एवं वितरण रजिस्टर की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए लाभार्थियों को उनका बकाया राशन तत्काल उपलब्ध कराया जाए.

