लखनऊ। यूपी विधानसभा के विशेष सत्र में कांग्रेस और सपा विधायकों ने योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उनका कहना है कि भाजपा का महिला सशक्तिकरण से कोई लेना देना नहीं है। वो संसद में नेहरू और विधानसभा में नेताजी को कोसती है। इतिहास ही सबसे बड़ा गवाह होता है। किसने क्या किया और क्या नहीं।

BJP मौजूदा सीटों पर 50% आरक्षण दे

सपा विधायक रागिनी सोनकर ने सदन में योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि BJP संसद में नेहरू को कोसती है। विधानसभा में नेताजी को कोसते हैं। प्रदेश में महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है। महिलाएं पंचायत का नेतृत्व कर रही थी।
उसी पंचायत चुनाव को BJP नहीं करा रही है। यूपी विधानसभा में 50% आरक्षण दीजिए, BJP मौजूदा सीटों पर 50% आरक्षण दे।

READ MORE: ‘SP नेता खुद झूठे…’, पूजा पाल का बड़ा बयान, कहा- देश की महिलाओं ने देखा है कि किसने हमारे अधिकारों को छीना

सपा ने कन्या विद्या धन योजना चलाया था

वहीं संग्राम सिंह यादव ने कहा कि मुझे उम्मीद थी कि विधानसभा का विशेष सत्र है। विशेष सत्र में नारी सशक्तिकरण को लेकर CM कुछ बातें रखेंगे लेकिन अगर CM का भाषण देखा जाए तो एक उबाऊ प्रवचन था। नारी सशक्तिकरण को लेकर CM ने फिर से वहीं पुराने कैसेट को जारी कर दिया। हमारे नेता मुलायम सिंह ने जब गरीब तबके के लोग स्कूल नहीं जा पाते थे, बेटियां भी स्कूल नहीं जा पाती थी। हमारे नेता जब यूपी के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने कन्या विद्या धन योजना चलाया था।

READ MORE: ‘ये कठमुल्ला की राह पर देश ले जाना चाहते हैं…’, विपक्ष पर बरसे CM योगी, कहा- जाति के नाम पर समाज को बांटते हैं

योगी सरकार पर बरसी आराधना मिश्रा

कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ने कहा कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पारित हुआ, जिसे कांग्रेस ने पूर्ण समर्थन दिया और इसके तत्काल क्रियान्वयन की मांग भी की। परन्तु तब से अब तक इसे लागू न किया जाना गंभीर प्रश्न खड़े करता है। यह स्पष्ट रूप से भाजपा सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा करता है, जो महिलाओं के अधिकारों के प्रति उदासीन और विरोधाभासी प्रतीत होती है। इतिहास ही सबसे बड़ा गवाह होता है सच्चाई का, बहुत से आरोप लगातार सुनते आ रहे है क्या किया कांग्रेस पार्टी ने? ये नहीं किया…ये करना चाहिए था। पर मैं कुछ तथ्य सामने रखूंगीं, मैं बात करूंगी आजादी के पहले की।