अशोक कुमार जायसवाल, डीडीयू. सड़क चौड़ीकरण के दौरान व्यापारियों की दुकानों को हुए नुकसान का मामला अब गरमा गया है. बुधवार को समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर प्रभावित व्यापारियों के पक्ष में अपनी बात रखी. प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जिन व्यापारियों की दुकानें क्षतिग्रस्त या ध्वस्त हुई हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स में दुकानें आवंटित की जाएं. साथ ही सभी प्रभावितों को जनहित में उचित मुआवजा दिया जाए.

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इस दौरान सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण यादव ने स्पष्ट कहा कि व्यापारियों के साथ अन्याय किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने सरकार से तत्काल पुनर्वास और मुआवजे की व्यवस्था करने की मांग की. वहीं समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर ने कहा कि पार्टी हमेशा व्यापारियों और आम जनता के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनके हक की लड़ाई लड़ती रहेगी.

वहीं, चंद्रशेखर यादव ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि चंदौली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा घोषित एलिवेटेड पुल परियोजना अब तक जमीन पर नहीं उतर पाई है. उन्होंने पूछा कि आखिर यह योजना कहां अटकी हुई है या यह केवल चुनावी वादा बनकर रह गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर व्यापारी अपनी रोजी-रोटी खोने को मजबूर हैं, लेकिन न तो कोई ठोस पुनर्वास नीति है और न ही स्पष्ट मुआवजा व्यवस्था, जो प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है.

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पूर्व विधायक चकिया जितेंद्र कुमार (एडवोकेट) ने कहा कि समाजवादी पार्टी हर स्तर पर व्यापारियों की लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है. समाजवादी व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष अमरनाथ जायसवाल ‘मोनू’ ने कहा कि व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है और प्रशासन को तत्काल राहत के साथ स्थायी समाधान देना चाहिए.

ज्ञापन में प्रमुख मांगों में प्रभावित व्यापारियों को कॉम्प्लेक्स में प्राथमिकता से दुकान आवंटन, क्षतिग्रस्त दुकानों के लिए उचित मुआवजा, एलिवेटेड पुल परियोजना की स्थिति स्पष्ट कर कार्य शुरू कराना और पुनर्वास से पहले किसी भी व्यापारी को न हटाना शामिल था.