देहरादून. नीट का पेपर लीक होने के बाद देश की सियासत गरमा गई थी. विपक्षी दल सरकार पर हमलावर थे. ऐसे में 21 जून यानी आज फिर से नीट का एग्जाम हुआ. इस बार भी नीट के पेपर में लापरवाही सामने आई है. लापरवाही एग्जाम सेंटर को लेकर देखने को मिली है. एक छात्र को अबू धाबी (यूएई) और एक छात्रा को उसके घर से 1600 किलोमीटर दूर सेंटर दिया गया. जिसे लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत ने एग्जाम कंडक्ट कराने वाली संस्था एनटीए और धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा है.

इसे भी पढ़ें- श्री हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान सामने आए विवाद पर उत्तराखंड सरकार की दो टूक, प्रकरण को सांप्रदायिक रंग देने वालों पर होगी कार्रवाई

हरीश रावत ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और उसके आका शिक्षा मंत्रालय ने भारत के विश्वगुरु बनने के दावे की सार्वजनिक रूप से मखौल उड़ाने का निश्चय ही कर लिया है. परीक्षा नहीं करवा पा रहे हैं, पेपर लीक हो जा रहे हैं. अब उम्मीद कर रहे थे कि जैसे-तैसे सही NEET की पुनः परीक्षा हो जाएगी. पता चला है कि एक लड़के को जब एडमिट कार्ड मिला तो उसका सेंटर अबू धाबी में बताया गया.

इसे भी पढ़ें- नरेंद्र मोदी और धर्मेंद्र प्रधान को… छात्र को NEET एग्जाम का सेंटर अबू धाबी देने पर कांग्रेस ने साधा निशाना, जानिए ऐसा क्या कहा?

आगे हरीश रावत ने ये भी कहा कि दूसरी लड़की का सेंटर उसके शहर से 1600 किलोमीटर दूर बताया गया, जहां वो केवल हवाई जहाज से ही पहुंच सकती है. पहले से ही तनावग्रस्त बच्चों को कैसे और तनावग्रस्त किया जा सकता है, इसका आर्ट NTA और NTA के आका भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय से सीखना पड़ेगा, धन्य हैं.