लखनऊ. नीट पेपर लीक होने के बाद ऑनलाइन क्लास देने वाले टीचरों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है. कुछ टीचर्स की मांग है कि शिक्षामंत्री धर्मेंद प्रधान का इस्तीफा होना चाहिए और मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. इन सबके बीच अखिलेश यादव ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें एक ऑनलाइन पढ़ाने वाला शिक्षक सरकार से अपील करता दिख रहा है कि सरकार कोचिंग क्लास को बंद कराए. वीडियो को शेयर कर अखिलेश यादव ने कहा, जिस घपले-घोटाले की सज़ा शिक्षामंत्री को मिलनी चाहिए उसकी सज़ा शिक्षक को क्यों दी जा रही है.
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आगे अखिलेश यादव ने कहा, भाजपा अपनी कमियों, कमज़ोरियों और भ्रष्टाचार के लिए हमेशा ही किसी और को निशाना बनाती है. कभी ‘दानाजीवी’ तथाकथित पत्रकारों से मीडियाबाज़ी करवाकर शिक्षा से जुड़े यूट्यूबर्स पर बेबुनियाद आरोप लगवाती है और कभी उनके शैक्षिक संस्थान बंद करवाती है. इसके लिए भाजपा संस्थान के भवनों के अवैध निर्माण का बहाना बनाती है. अगर कोई अवैध निर्माण हुआ है तो हम ‘प्रयागराज विकास प्राधिकरण’ के उन सभी अधिकारियों के निलंबन और उनसे वसूली की मांग करते हैं, जिनके समय में ये निर्माण हुआ या फिर जिन्होंने आज तक उस पर आपत्ति नहीं की. 24 घंटे में इस कार्रवाई की रिपोर्ट जनता के सामने रखी जाए.
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भाजपा शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थियों की विरोधी है. देश के इतिहास में अब ये पहली बार होगा कि शिक्षा के मुद्दे पर चुनाव लड़ा जाएगा. प्राइमरी के सरकारी स्कूलों को बंद करने; यूनिफ़ॉर्म, स्टेशनरी, मिड-डे मील जैसे घोटालों से लेकर कॉपी की हेराफेरी व भ्रष्ट-मूल्यांकन, पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में आरक्षण की हक़मारी, हर संभव परीक्षा धांधली, रिजल्ट में बेईमानी व कोर्ट में परिणाम फँसाने की भाजपाई चालबाज़ी जैसे विषयों पर चुनाव होगा और जनता भाजपा को हमेशा के लिए बाहर कर देगी.

