लखनऊ. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर अखिलेश यादव भाजपा पर लगातार हमलावर हैं. अखिलेश यादव ने जांच प्रक्रिया को लेकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, ये कैसी पाबंदी है कि आरोपियों का स्वागत पुलिस दरवाज़ा खोलके कर रही है. ड्राइवर फंसता तो मालिक भी फंसता, जिसका नाम अंतरिम रिपोर्ट में नहीं है, उसका अंतिम में कैसे होगा. जिसके ऊपर फोड़ा ‘ठीकरा’, वो तो रिपोर्ट के हिसाब से काफ़ी ‘ठीक रहा’.
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आगे अखिलेश यादव ने कहा, अगर CDR निकाली जाए तो पता चलेगा सबसे ज़्यादा फोन भाजपा के लोगों के ही आए हैं जो भाजपा छोड़कर इधर आना चाहते हैं. जनता ने भाजपाइयों की नाकाबंदी कर दी है. जो लोग दूर से बैठकर आरोप लगा रहे हैं, लगता है उनकी भी इस महाकांड में हिस्सेदारी है. उनकी आमदनी की नहर बंद हो गई है, इसीलिए छटपटा रहे हैं. सिर्फ़ खाँचा नहीं, पूरा ढांचा बदलना चाहिए. पूरा ट्रस्ट भंग होना चाहिए.
आगे अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि सजा सिर्फ घोड़े या लगाम को नहीं, कोचवान को भी मिलनी चाहिए. जिम्मेदारी सिर्फ उसकी नहीं जिसको दी गई, बल्कि जिसने जिम्मेदारी दी उसकी भी तय होनी चाहिए. केवल इस्तीफे की लीपा-पोती से काम नहीं चलेगा. जो लोग हटे हैं, उनके हस्ताक्षर से हुए सभी भू-सौदों और अन्य कार्यों के लिए न्यायिक जांच बैठाई जाए. इस्तीफा बच निकलने का रास्ता नहीं बनना चाहिए. दोषियों की भविष्य की गतिविधियों और आवागमन पर निगाह रखी जाए.
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आगे उन्होंने ये भी कहा कि इनके विदेश गमन पर पाबंदी लगाई जाए. यह 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास का विषय है. आपस में ‘निष्कलंक’ होने की क्लीन चिट देने का खेल बंद हो. भ्रष्ट लोगों का काला सच सामने आ चुका है. भाजपा में भगदड़ मच गई है. जो भाजपा का साथी, वो रामघाती

