लखनऊ. अखिलेश यादव ने आदिवासियों के मुद्दे पर अखिलेश यादव पर करारा हमला बोला है. उन्होंने कहा, आदिवासी हर ज्ञान का गोमुख है. हमारे यहां आदिवासियों को ही सबसे पहला वैज्ञानिक भी माना गया, पहला वैद्य और पहला इंजीनियर भी. PDA में A का मतलब आदिवासी ही है. जो भाजपा आदिवासी को आदिवासी कहना नहीं चाहती है, वो उन्हें जब पहचानने से ही इंकार कर देगी तो उनकी समस्या क्या सुलझाएगी. ‘जल-जंगल-ज़मीन’ आदिवासियों का जन्मसिद्ध अधिकार है.

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भाजपा आदिवासी को जब ‘वनवासी’ कहती है, तो दरअसल उसके पीछे एक गहरी साज़िश होती है. ऐसा कहकर वो वन-जंगल की ज़मीन-जल-वनोपज पर आदिवासियों के जन्मजात अधिकार को नकारती है. वनवासी कहकर भाजपाई ये साबित करना चाहते हैं कि जनजातीय समाज आदिकाल से जंगलों में नहीं रह रहा है, बल्कि बाद में जाकर वन में वास करने लगा, इसीलिए वो वनवासी है और उसका जंगल के संसाधनों पर मूल रूप से कोई अधिकार नहीं है.

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‘वनवासी’ को ‘आदिवासी’ कहना संविधान में दिये गये ‘जनजाति’ की हक़मारी की साज़िश है. भाजपा के संगी-साथी जंगलों में जाकर आदिवासियों की परंपरा, बोली, संस्कृति के ऊपर अपना पाखंड-कर्मकांड लादना चाहते हैं और धीरे-धीरे उनके सभी संसाधनों को हड़प लेना चाहते हैं.