लखनऊ. पुरुष-महिला वकीलों पर लाठी बरसाने पर अखिलेश यादव ने योेगी सरकार पर निशाना साधा है. अखिलेश यादव ने वकीलों के समर्थन में एक खुला मैसेज दिया है. उन्होंंने कहा, प्रिय अधिवक्तागण… अपने अधिवक्ता समाज के अधिकारों के लिए मुखर विरोध करने वाले ऐसे निर्भय, साहसी और जुझारू लोग सब जगह सम्मान पाते हैं. आज उनसे मिलकर हमें आपके दुख-दर्द और प्रताड़ना और आपके साथ हुए जुल्म और ज़्यादती के बारे में और विस्तार से पता चला. हम आप जैसे सभी पीड़ित अधिवक्ताओं के साथ हैं.

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अखिलेश यादव ने कहा, अधिवक्ताओं के लिए उनका चैंबर किसी मंदिर से कम नहीं होता है, जिसके आधार पर वो न्याय के पक्ष में सक्रिय होते हैं और दिन-रात दौड़-धूप करके किसी तरह अपने परिवार का पेट भी पालते हैं और पढ़ाई-दवाई और अपनी पारिवारिक-सामाजिक ज़िम्मेदारी भी निभाते हैं.

कल लखनऊ में भाजपा सरकार की हर लाठी पुरुष-महिला वकीलों पर ही नहीं पड़ी है वो उनके मान पर भी पड़ी है और बुलडोज़र सिर्फ़ चैंबरों पर नहीं, उनकी रोज़ी-रोटी पर भी चलाया गया है. अगर वकीलों ने ठान लिया तो वो हर भाजपाई और उनके संगी-साथियों के घर, दुकान, कार्यालय, प्रतिष्ठानों के वैध-अवैध होने का कच्चा चिट्ठा निकाल देंगे और जब ये भाजपाई गैंग अपना केस लड़ने कोर्ट में जाएगी तो उनका बहिष्कार करेंगे. इन भाजपाइयों को केस लड़ने के लिए वकील भी नहीं मिलेगा.

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भाजपा न्याय विरोधी है, इसीलिए न्याय के लिए संघर्षरत रहनेवालों के ख़िलाफ़ है. हम संघर्षरत पीड़ित अधिवक्ताओं के साथ खड़े हैं और हमेशा उनका साथ देने के लिए वचनबद्ध रहे हैं और हमेशा रहेंगे. पीड़ा बढ़ रही, इसीलिए पीडीए बढ़ रहा है. जो पीड़ित वो पीड़ित.