कुलदीप सिंह, फतेहपुर. जनपद के खागा और हथगांव थाना की संयुक्त पुलिस टीम ने बीती रात एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. ससुर खदेरी नदी के पास बरकतपुर के जंगल में पुलिस और गोकशी के आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई. इस दौरान जवाबी कार्रवाई में 50 वर्षीय अभियुक्त के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, जबकि उसके बेटे को पुलिस ने घेराबंदी कर धर दबोचा.
इसे भी पढ़ें- शक्कर पर सियासतः महंगी चीनी और एथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर सरकार पर अजय राय का निशाना, PM मोदी को पत्र लिखकर कर दी बड़ी मांग
बता दें कि पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना खागा में पंजीकृत गोवध निवारण अधिनियम के वांछित और प्रकाश में आए आरोपी इलाके में मौजूद हैं. जब संयुक्त पुलिस टीम ने संदिग्धों की घेराबंदी की तो आरोपियों की तरफ से फायरिंग की गई. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त शहजादे पुत्र दरगाही, निवासी ग्राम अमांव, थाना खागा के दाहिने पैर में गोली लग गई. पुलिस ने तुरंत घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा। वहीं मौके से भागने की कोशिश कर रहे उसके बेटे सीबू उर्फ शहबाज आलम को पुलिस ने कॉम्बिंग कर दबोच लिया.
पुलिस ने गिरफ्तार और घायल आरोपियों के कब्जे से गोकशी में इस्तेमाल होने वाले खतरनाक औजार और हथियार जिनमें 6 चाकू, 2 कुल्हाड़ी और 1 चापड़ गोवंश बांधने के लिए रस्सी, डोरी व सीकड़ और 2 साल वाले पत्थर, 1 अवैध तमंचा (315 बोर), 1 जिंदा कारतूस और 1 खोखा कारतूस बरामद किए हैं.
इसे भी पढ़ें- मछली भोज पर डिबेट में बवाल, महंत राजू दास ने कांग्रेस प्रवक्ता लाइव डिबेट में दी गाली
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है. इनके खिलाफ जनपद फतेहपुर के विभिन्न थानों समेत अन्य जनपदों में भी 13 से अधिक गंभीर अभियोग पंजीकृत हैं. पुलिस टीम इनके अन्य आपराधिक इतिहास और संपर्कों की गहनता से छानबीन कर रही है.


