लखनऊ. पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए देश के युवा सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं. जिसका कांग्रेस औऱ सपा समर्थन कर रहे हैं. इन सबके बीच डिप्टी सीएम केशव मौर्य का बड़ा बयान आया है. उन्होंने कांग्रेस-सपा पर तीखा हमला बोला है. केशव मौर्य ने कहा, कांग्रेस और सपा की चाल-ढाल एक जैसी है. दोनों की बुनियाद परिवारवादी होने के कारण उनका चाल, चरित्र और चेहरा एक जैसा है. ऐसी हालत में दोनों के लिए देश और दल से बड़ा अपना परिवार है. इसके इतर सोचने में दोनों परिवारों के पेट में मरोड़ होने लगती है.

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आगे डिप्टी सीएम मौर्य ने कहा, सपा बहादुर अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव तथा कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का युवाओं की चिंता का संताप क़तई झूठा है. शिक्षा से क्या मतलब, जब सपा का दर्शन ही ‘लठैतवाद’ में बसता है. कौन नहीं जानता कि डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार सोनिया गांधी की कोठी से चलती थी, जो हमेशा अपने आपको संविधान से परे समझती थी.

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केशव मौर्य ने ये भी कहा कि इतिहास गवाह है कि आज युवाओं के भविष्य की चिंता का दावा करने वालों पर यह सवाल ज़रूर बनता है कि उनकी सरकारों के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रियाओं और परीक्षा प्रणाली पर ढेरों गंभीर सवाल उठे, तब क्या उन्हें नैतिकता का पाठ पढ़ाने का अधिकार है? यूपी में शिक्षा सुधारने के लिए कल्याण सिंह की सरकार 1992 में नक़ल-विरोधी अध्यादेश लाई थी, जिसे अगले ही साल मुलायम सिंह की सरकार ने निरस्त कर यूपी की शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया था.