सतीश सिंह, लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने नीट-यूजी समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और उससे जुड़े छात्र आंदोलनों को लेकर सरकार और विपक्ष दोनों पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार का मूल मुद्दा राजनीतिक टकराव के बीच कहीं दबता जा रहा है.
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मायावती ने कहा कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन को जनता की व्यापक सहानुभूति मिल रही है, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच सियासी संघर्ष तेज हो गया है. इससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार का वास्तविक मुद्दा पीछे छूटने का खतरा पैदा हो गया है. इस मुद्दे पर सड़क से लेकर संसद तक राजनीति गर्म है, जिससे तनाव और टकराव की स्थिति बन रही है. जंतर-मंतर पर आंदोलनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से हालात और अधिक गंभीर हो गए हैं.
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बसपा प्रमुख ने संसद के मानसून सत्र के सुचारु रूप से नहीं चल पाने पर भी चिंता जताई. उनका कहना था कि लगातार गतिरोध के कारण जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही प्रभावित हो रही है. मायावती ने कहा कि सरकार को केवल पेपर लीक के बाद सख्त कार्रवाई करने के बजाय ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी और पारदर्शी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जब तक पेपर लीक की घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक लोगों में असंतोष बना रहेगा. मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में निराश होने के बजाय पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ पार्टी के मिशन में जुटे रहें.


