सतीश सिंह, लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी (CJP) के आंदोलन, परीक्षा पत्र लीक के मामलों और अयोध्या श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी जैसे मुद्दों को भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए कहा है कि देशहित में इन समस्याओं का जल्द और शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाना चाहिए.

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मायावती ने कहा कि संसद के निकट जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से चल रहा आंदोलन, खासकर मेडिकल की नीट जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों से प्रभावित छात्र-छात्राओं तथा उनके परिवारों के जीवन से जुड़ा गंभीर विषय है. उन्होंने कहा कि अब इस मुद्दे का राजनीतिकरण होने से यह सरकार के साथ सीधे टकराव का रूप ले चुका है, जिससे दिल्ली ही नहीं बल्कि विभिन्न राज्यों में भी जनजीवन प्रभावित हो रहा है.

बसपा प्रमुख ने कहा कि चाहे अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन का मामला हो या फिर देशभर में विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं, ये सभी मूलतः हर स्तर पर पनप रहे भ्रष्टाचार का परिणाम हैं. उन्होंने इसे संवैधानिक नैतिकता से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि इसके अभाव में देश को दीमक की तरह नुकसान पहुंच रहा है. उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के सुशासन संबंधी विचारों का भी उल्लेख किया.

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मायावती ने सरकार और संवैधानिक संस्थाओं से अपनी भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान विकट परिस्थितियों का सौहार्दपूर्ण समाधान निकाला जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा आंदोलन का अपने-अपने स्वार्थ में राजनीतिकरण कर सड़क से लेकर संसद तक टकराव और हिंसा का माहौल बनाने को अनुचित बताया. उन्होंने कहा कि सरकार और आंदोलनकारियों को मिलकर इस मुद्दे का जल्द शांतिपूर्ण समाधान निकालना चाहिए.