लखनऊ. सूबे की सियासत में पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे को सनातन विरोधी होने का प्रमाण पत्र बांटने के काम में लगे हुए हैं. भाजपा और सपा दोनों खुद को सबसे बड़ा सनातनी बता रहे हैं. इन सबके बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सपा को सनातन विरोधी बताते हुए करारा हमला बोला है. पंकज चौधरी ने कहास, सत्ता के लिए गिरगिट की तरह रंग बदलने वाले सनातनी नहीं हो सकते, सपा का सनातन प्रेम कितना सच्चा है जग जाहिर है!
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आगे पंकज चौधरी ने कहा, धर्म और अधर्म पर बड़ी-बड़ी बयानबाज़ी करने वाले सपा प्रमुख आज दूसरों को धर्मविरोधी कह रहे हैं, लेकिन शायद वो अपने ही शासनकाल के सनातन विरोधी कारनामों को भूल चुके हैं. क्या सपा को याद नहीं कि रामचरितमानस की प्रतियां जलाने वाले और कोई नहीं बल्कि उन्हीं के नेता थे? क्या सपा प्रमुख भूल गए जब उनके चहेते रहे स्वामी प्रसाद मौर्य जी ने पवित्र रामचरितमानस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी? इतना ही नहीं, जब इनके इंडी गठबंधन के सहयोगियों ने सनातन के समूल सफाए की बात कही, तब अखिलेश यादव का मौन समर्थन उनकी इसी सनातन विरोधी सोच को बयां कर रहा था.
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आजीवन प्रभु श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण की राह में रोड़े अटकाना, रामभक्तों को अपमानित करना और भव्य राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा का सरेआम बहिष्कार करना यह साबित करता है कि सपा का सर्वधर्म सम्मान सिर्फ एकतरफा और ढोंग है. आज चुनाव में अपने वजूद पर मंडराते संकट को देख, सपाई जिस सनातन की छतरी के नीचे छिपने का नाटक कर रहे हैं, वो जनता के सामने बेनकाब हो चुका है. सनातन हमारी संस्कृति है, हमारा मूल है और इसे चुनावी ढाल बनाने वालों को उत्तर प्रदेश की राष्ट्रवादी और सनातनी जनता आने वाले चुनाव में फिर से उनकी सही जगह दिखाएगी. अब संस्कृति का अपमान और नहीं सहेगा यूपी.

