लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव आया है. 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में मात्र 120 स्टार्टअप थे, जो आज बढ़कर 24,000 से अधिक हो गए हैं. इनमें आठ यूनिकॉर्न भी शामिल हैं.
लोकभवन में स्टार्टअप नीति के तहत 107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ और 9 इंक्यूबेटर्स को 1.79 करोड़ की प्रोत्साहन राशि के साथ मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप नीति 2026 पुस्तिका का विमोचन करने के साथ पोर्टल का भी शुभारंभ किया. कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2014 से पहले पूरे देश में मात्र 500 स्टार्टअप थे, जो आज ढाई लाख से ऊपर पहुंच गए हैं. उत्तर प्रदेश में भी युवाओं के सपनों को उड़ान देने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है. आधे से अधिक स्टार्टअप्स का संचालन महिलाओं द्वारा किया जा रहा है.
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उन्होंने पुरानी स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में अव्यवस्था का माहौल था. सड़कों पर गड्ढे, अंधेरा, दंगे, कर्फ्यू और महीनों तक बंद रहने वाले स्कूल-कॉलेज-मार्केट आम बात थे. पांच वर्ष में 700 से अधिक बड़े दंगे हुए थे. उस समय रोजगार, शिक्षा, इनोवेशन या इनक्यूबेटर्स की बात करना सपना था. आज यूपी कर्फ्यू और उपद्रवों से मुक्त हो चुका है. सुरक्षा की कोई समस्या नहीं है और नीतिगत लकवा (पॉलिसी पैरालिसिस) से उबर चुका है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि नौ वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था तीन गुना, प्रति व्यक्ति आय तीन गुना और महिलाओं की कार्यबल भागीदारी तीन गुना हुई है. बड़े उद्योगों की संख्या भी लगभग तीन गुना हो गई है. जो राज्य कभी बीमारू राज्यों की श्रेणी और बॉटम थ्री में गिना जाता था, आज देश की टॉप थ्री अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है.
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उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों आईआईटी कानपुर, आईआईटी बीएचयू, आईआईआईटी, आईआईएम और एकेटीयू के साथ सहयोग का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मेडटेक, ड्रोन टेक्नोलॉजी, क्वांटम कंप्यूटिंग, स्पेस टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में एक दर्जन से अधिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस संचालित या विकसित किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 में सिडबी के साथ फंड ऑफ फंड्स की व्यवस्था की गई थी. विश्वविद्यालयों को रिसर्च और इनोवेशन के लिए अलग फंड उपलब्ध कराया जा रहा है.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी की आबादी देश की लगभग एक-छठी है, इसलिए स्टार्टअप्स में भी 20 प्रतिशत हिस्सेदारी होनी चाहिए. इसके लिए डीप टेक समेत सभी क्षेत्रों में युवाओं को आगे आने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि सरकार लीज पर भूमि, प्लग एंड प्ले मॉडल पर स्पेस और आवश्यकतानुसार फंड बढ़ाने को तैयार है. मुख्यमंत्री ने सभी स्टेकहोल्डर्स से अपील की कि यूपी में उपलब्ध संभावनाओं का लाभ उठाएं. राज्य सरकार युवाओं के हित में हर संभव सहयोग देगी.


