लखनऊ. अंबेडकरनगर से सपा सांसद लालजी वर्मा ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति को पत्र लिखकर किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के अगले कुलपति की नियुक्ति दलित या पिछड़े वर्ग से किए जाने की मांग की है. राज्यपाल को लिखे गए पत्र में सांसद ने कहा है कि केजीएमयू देश का 100 वर्ष से अधिक पुराना प्रतिष्ठित संस्थान है और वर्तमान कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद का कार्यकाल 9 अगस्त 2026 को समाप्त हो रहा है. उन्होंने दावा किया कि नए कुलपति की तलाश की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.

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पत्र में सांसद लालजी वर्मा ने आरोप लगाया है कि वर्तमान कुलपति के कार्यकाल के दौरान शैक्षिक संवर्ग के 108 आरक्षित पदों के सापेक्ष केवल 30 नियुक्तियां की गईं, जबकि 78 पद रिक्त छोड़ दिए गए. उन्होंने यह भी कहा कि कार्य परिषद से अनुमोदित लगभग 100 शैक्षिक पदों का बैकलॉग अभी तक विज्ञापित नहीं किया गया, जबकि शिक्षकों की कमी के चलते कई बार संविदा पर नियुक्तियां की गईं.

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अब तक वंचित वर्ग से नही हुआ कुलपति

सांसद ने आरोप लगाया कि इससे दलित और पिछड़े वर्ग के संवैधानिक अधिकारों का हनन हुआ है और सरकार की छवि भी प्रभावित होती है. उन्होंने कहा कि केजीएमयू के लंबे इतिहास में अब तक किसी वंचित वर्ग के व्यक्ति को संस्थान का मुखिया नियुक्त नहीं किया गया है. लालजी वर्मा ने अपने पत्र में राज्यपाल से अपील की है कि केजीएमयू के अगले कुलपति के पद पर किसी दलित या पिछड़े वर्ग के योग्य व्यक्ति की नियुक्ति कर ऐतिहासिक पहल की जाए, जिससे वंचित वर्गों को न्याय मिल सके.