लखनऊ. खरीफ सीजन में धान की रोपाई और अन्य फसलों की बुवाई के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को राहत देते हुए कहा है कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है. प्रदेश में कुल 30.67 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का स्टॉक उपलब्ध है, जिससे किसानों को फसल की जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जा रही है.

कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विधान भवन में आयोजित उर्वरक समीक्षा बैठक में अधिकारियों और उर्वरक आपूर्ति करने वाली संस्थाओं को निर्देश दिए कि भारत सरकार से आवंटित उर्वरकों की शत-प्रतिशत आपूर्ति समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी.

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उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में वर्तमान में 15.98 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 5.02 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 4.93 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 3.63 लाख मीट्रिक टन एसएसपी तथा 1.11 लाख मीट्रिक टन एमओपी उपलब्ध है. सहकारी समितियों और निजी क्षेत्र के बिक्री केंद्रों पर भी पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों का भंडारण किया गया है.

प्रदेश में किसानों द्वारा प्रतिदिन औसतन 27,232 मीट्रिक टन यूरिया, 6,261 मीट्रिक टन डीएपी और 1,851 मीट्रिक टन एनपीके की खपत की जा रही है. कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे अपनी कृषि भूमि के आधार पर फार्मर रजिस्ट्री अवश्य कराएं और अनावश्यक रूप से खाद का भंडारण न करें, ताकि सभी किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध हो सके.

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सरकार ने उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है. एक अप्रैल से 21 जुलाई तक प्रदेशभर में 7,364 छापेमारी की गई, जिसमें 136 लाइसेंस निलंबित किए गए और 30 मामलों में एफआईआर दर्ज कराई गई है.