लखनऊ. यूजीसी के नए नियमों और आरक्षण व्यवस्था के विरोध में रविवार को लखनऊ में भी विरोध प्रदर्शन हुआ. सवर्ण मोर्चा से जुड़े 300 से अधिक लोगों ने 1090 चौराहे पर जमा होकर ‘यूजीसी रोलबैक’ के नारे लगाते हुए सवर्ण सांसदों और विधायकों की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में ‘संवैधानिक अछूत’ लिखी हुई तख्तियां ली हुई थी. इस दौरान मुर्दा है भई मुर्दा है, नेता हमारा मुर्दा है जैसे नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारी 1090 चौराहे से बैकुंठ धाम श्मशान घाट की ओर रवाना हुए.
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सवर्ण मोर्चा के अध्यक्ष संदीप सिंह के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में ब्राह्मण, क्षत्रिय और अन्य वर्गों से जुड़े लोगों के शामिल होने का दावा किया गया. प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के नए नियमों को सामान्य वर्ग के युवाओं के भविष्य के लिए नुकसानदायक बताया. प्रदर्शन में शामिल अभिषेक सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि नई व्यवस्था से सामान्य वर्ग के युवाओं के भविष्य पर असर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर नीतिगत स्तर पर बदलाव नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा.
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इस दौरान प्रदर्शन और शवयात्रा के कारण हजरतगंज व आसपास के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ0 वीमेन पावर लाइन चौराहे से बैकुंठ धाम, हजरतगंज, लोहिया पथ और वीआईपी गेस्ट हाउस की ओर जाने वाले रास्तों पर जाम की स्थिति बन गई. जाम में एंबुलेंस समेत कई सरकारी और निजी वाहन फंस गए. प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी. प्रशासन की ओर से पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे.

