लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है. इसी क्रम में परिवहन विभाग की इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) क्रय सब्सिडी योजना के तहत अब तक 210 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है, जिससे 43 हजार से अधिक लाभार्थियों को सीधा फायदा मिला है.
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रविवार को परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि खाड़ी देशों में उत्पन्न गंभीर परिस्थितियों और संभावित तेल संकट को देखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ना समय की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि ईवी अपनाने से पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम होगी, पर्यावरण बेहतर होगा और लोगों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 96,778 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण हो चुका है. इनमें 43,218 लाभार्थियों को ईवी क्रय सब्सिडी का लाभ प्रदान किया गया है, जो योजना की व्यापक सफलता को दर्शाता है. सरकार ने पिछले तीन वर्षों में 210 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी का वितरण कर नया रिकॉर्ड बनाया है. इससे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले उपभोक्ताओं की शुरुआती लागत कम हुई है और लोगों का रुझान ईवी की ओर तेजी से बढ़ा है. योजना की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए परिवहन विभाग ने ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण और आवेदनों की निगरानी की व्यवस्था भी की है.
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सबसे अधिक लाभ दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को मिला है. विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 61,417 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन योजना से लाभान्वित हुए हैं. कम संचालन लागत और दैनिक उपयोग में सुविधा के कारण इलेक्ट्रिक स्कूटर और मोटरसाइकिलों की मांग लगातार बढ़ रही है. सरकार ने दोपहिया वाहनों के अलावा 25 हजार चारपहिया वाहन, 400 ई-बस और एक हजार ई-गुड्स कैरियर वाहनों को भी सब्सिडी देने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इससे सार्वजनिक और माल परिवहन क्षेत्र में भी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिल रहा है.

