सतीश सिंह, लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना तेजी से जमीन पर उतर रही है. योजना के शुभारंभ के बाद महज 22 दिनों में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 5.23 लाख से अधिक शिक्षक-कार्मिकों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है. वहीं, उच्च शिक्षा विभाग में योजना लागू होने के केवल चार दिनों के भीतर ही लगभग 47 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा हो गया है.
प्रदेश सरकार के अनुसार, तीनों शिक्षा विभागों के कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक-कार्मिकों में से 5,40,878 शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित ई-केवाईसी पूरी कर योजना से जुड़ चुके हैं. ई-केवाईसी पूरी होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 फरवरी 2026 को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की थी. इसके बाद सरकार ने रिकॉर्ड समय में पोर्टल, अस्पतालों की सूची और अन्य व्यवस्थाएं तैयार कर 8 जुलाई को वाराणसी से बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए योजना की शुरुआत की. इसके 18 दिन बाद 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को भी योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया.
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बेसिक शिक्षा विभाग में 11,03,464 पात्र लाभार्थियों में से अब तक 4,57,390 शिक्षक-कार्मिक ई-केवाईसी पूरी कर चुके हैं. वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1,47,543 पात्र लाभार्थियों में से 65,754 का पंजीकरण पूरा हो चुका है. उच्च शिक्षा विभाग में 38,011 पात्र लाभार्थियों में से केवल चार दिनों में 17,734 लोगों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली, जो करीब 47 प्रतिशत है. महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि योजना को मिशन मोड में लागू किया जा रहा है. सभी जिलों और शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित का समयबद्ध तरीके से ई-केवाईसी पूरा कराया जाए, ताकि सभी को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल सके.


