Pratik Yadav’s Funeral: सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार आज 11:00 बजे भैंसाकुंड पर किया जाएगा। इसकी जानकारी उनकी पत्नी अपर्णा यादव ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट शेयर कर दी है। उनके आवास पर सुबह से ही संवेदना व्यक्त करने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा। दो सौ मीटर तक प्रतीक के चाहने वालों का तांता लगा रहा। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।
अर्पणा यादव ने एक्स पर किया पोस्ट
अपर्णा यादव ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि अत्यंत दुःख के साथ सूचित किया जाता है कि “पद्म विभूषण” पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी के सुपुत्र एवं हम सभी के प्रिय प्रतीक यादव जी का अंतिम संस्कार कल प्रातः 11:00 बजे बैकुंठ धाम (भैंसाकुंड) में संपन्न होगा। इस दुःखद घड़ी में आप सभी की गरिमामयी उपस्थिति प्रार्थनीय है।
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संबल भरे संवेदना संदेशों के लिए सबके प्रति आभार
अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव के निधन पर सपा प्रमुख के साथ संवेदना व्यक्त की और सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे परिवार के अपार दुख की इस घड़ी में देशभर से आ रहे संबल भरे संवेदना संदेशों के लिए सबके प्रति आभार। अखिलेश यादव ने भाई प्रतीक यादव के निधन पर कहा कि वो जीवन में आगे बढ़कर काम करना चाहते थे। प्रतीक का हमारे बीच नहीं रहना दुखद है। कुछ दिन पहले मेरी मुलाकात हुई थी। मैंने सेहत पर ध्यान देने के लिए (Prateek Yadav Death) कहा था। कारोबार पर ध्यान लगाने को भी कहा था। कारोबार में नुकसान से लोग दुखी होते हैं। मैंने शरीर का ध्यान रखने को कहा था। कारोबार पर ध्यान देने के लिए कहा था।
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प्रतीक की मौत की वजह
बता दें कि पीएम रिपोर्ट के मुताबिक प्रतीक यादव की मृत्यु का मुख्य कारण पल्मोनरी एम्बोलिज्म (Pulmonary Embolism) रहा। यानी उनके फेफड़ों की धमनियों (रक्त वाहिका) में खून का एक बड़ा थक्का (Blood Clot) फंस गया था। इस स्थिति के कारण फेफड़ों तक होने वाला खून और ऑक्सीजन का प्रवाह अचानक पूरी तरह बाधित हो गया। चिकित्सा विज्ञान में इस स्थिति को बेहद गंभीर माना जाता है, जिसमें मरीज को संभलने का मौका मिलना बहुत मुश्किल होता है।
रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऑक्सीजन और रक्त की सप्लाई अचानक रुकने से उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई। रक्त प्रवाह बाधित होने के कारण दिल के दाहिने हिस्से पर अत्यधिक दबाव (Pressure) बढ़ गया था। बड़ा ब्लड क्लॉट बनने की वजह से उनकी सांसें अचानक थम गईं, जो अंततः उनकी मृत्यु का कारण बना।
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प्रतीक के डॉक्टर ने क्या कहा
प्रतीक का इलाज कर चुके डॉक्टर ने बताया कि वे ‘डीप वेन थ्रोम्बोसिस’ (DVT) पल्मोनरी एम्बोलिज्म और हाल में दिल से जुड़ी दिक्कतों से जूझ रहे थे। प्रतीक पिछले 5-6 साल से हाइपरटेंशन का भी शिकार थे। हाल में उन्हें अचानक सांस लेने में दिक्कत और बेचैनी की शिकायत होने लगी थी। 3 हफ्ते पहले उनमें पल्मोनरी एम्बोलिज्म भी डायग्नोज हुआ था।

