Rajasthan News: राजस्थान में अब ऑनलाइन ठगी और डिजिटल अरेस्ट करने वाले बदमाशों की खैर नहीं है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में एक बड़ा ऐलान किया है। सरकार साल 2030 तक प्रदेश के सभी जिलों में नए साइबर पुलिस स्टेशन खोलने जा रही है। अब ठगी का शिकार होने पर लोगों को बड़े शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

बढ़ते डिजिटल अपराधों को देखते हुए सरकार अब पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शनिवार को सरकारी वकीलों की कार्यशाला में सीएम ने साफ किया कि जनता की कमाई लूटने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके लिए नया ब्‍लूप्रिंट तैयार है।

अब AI पकड़ेगा सोशल मीडिया के चोर

सरकार इस लड़ाई में अब नई तकनीक का सहारा लेने जा रही है। जयपुर में हुई बैठक के मुताबिक, अब साइबर अपराधों की जांच के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल होगा। इसके साथ ही एक बिल्कुल नया साइबर हेल्पलाइन कॉल सेंटर भी शुरू किया जाएगा। ठगी होते ही इस सेंटर पर फोन करते ही तुरंत एक्शन होगा। पैसे डूबने से बचेंगे।

नए जिलों में खुलेंगे जिला कोर्ट

मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान में नए बने जिलों में न्याय व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। सरकार ने इसके लिए 42 नए न्यायालय स्थापित किए हैं। फलौदी, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, बाड़मेर, डीग, कोटपूतली-बहरोड़ और सलूंबर में जिला एवं सेशन कोर्ट खुल चुके हैं। इसके अलावा बड़ी सादड़ी और केशोरायपाटन में भी अतिरिक्त जिला कोर्ट शुरू किए गए हैं। इससे स्थानीय लोगों को तारीख के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।

चलेगा ऑपरेशन साइबर शील्ड

सीएम शर्मा के अनुसार प्रदेश में साइबर खतरों से निपटने के लिए एक खास सिमुलेशन लैब बनाई गई है। पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड चलाकर कई बड़े ठगों को दबोचा है। अब तक 12 लाख से ज्यादा लोगों को ठगी से बचने के तरीके सिखाए गए हैं।

सूत्रों के हवाले से खबर है कि अब राज्य के हर छोटे-बड़े पुलिस थाने में एक साइबर हेल्प डेस्क बनाई जा चुकी है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि गांव-देहात के लोग भी सीधे अपने नजदीकी थाने जाकर ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत दर्ज करा सकेंगे। सरकार का पूरा ध्यान अब आम जनता को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रखने पर है।

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