नूंह । फिरोजपुर झिरका के गांव पाठखोरी में शनिवार दोपहर अचानक ऐसा तूफान आया जिसने कुछ ही मिनटों में पूरे गांव का मंजर बदल दिया। तेज आंधी और धूल भरी हवाओं के बीच लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही कई मकानों की दीवारें भरभराकर गिरने लगीं। गांव में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मकान पलभर में बना मलबा

तूफान का सबसे ज्यादा असर गांव निवासी आजाद पुत्र इल्यास के घर पर पड़ा। तेज हवाओं के चलते उनका मकान पूरी तरह धराशायी हो गया। घर की दीवारें गिरने से अंदर रखा बेड, कूलर, फ्रिज, वाशिंग मशीन, दरवाजे और अन्य घरेलू सामान मलबे में दबकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टीन शेड भी टूटकर बिखर गया। परिवार को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है।

हालांकि राहत की बात यह रही कि हादसे के समय आजाद अपने परिवार के साथ एक शादी समारोह में गए हुए थे। यदि परिवार घर में मौजूद होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबा हटाने में जुट गए।

चारदीवारी गिरी, दहशत में आए ग्रामीण

शेर अली बास निवासी शहीद पुत्र सफेदा की चारदीवारी भी तूफान की चपेट में आकर गिर गई। अचानक दीवार गिरने से आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने वर्षों बाद इतना खतरनाक तूफान देखा है।

सड़क पर गिरे पेड़, कई बिजली खंभे टूटे

तूफान का असर पूरे इलाके में देखने को मिला। पाठखोरी से रावली को जोड़ने वाली सड़क पर कई बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गए, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया और राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

वहीं शेर अली बास जाने वाली बिजली लाइन भी जमीन पर गिर गई। ग्रामीणों के अनुसार करीब 6 से 7 बिजली के खंभे टूटकर गिर गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है।

ग्रामीणों की प्रशासन से मदद की गुहार

घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत राहत और मुआवजे की मांग की है। लोगों का कहना है कि प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए और बिजली व सड़क व्यवस्था को जल्द बहाल किया जाए। फिलहाल गांव के लोग एक-दूसरे की मदद कर हालात संभालने में जुटे हुए हैं।