सतीश सिंह, लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ में 3,446 प्राविधिक सहायकों और 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति पत्र दिए. इस मौके पर उन्होंने अखिलेश यादव और शिवपाल यादव पर बिना नाम लिए निशाना साधा. योगी ने साफ कहा कि 2017 से पहले भर्ती का विज्ञापन निकलते ही चाचा-भतीजा जोड़ी की वसूली शुरू हो जाती थी. अब पारदर्शिता और मेरिट से नौकरियां मिल रही हैं.

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9.5 लाख युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि पिछले साढ़े नौ साल में सरकार ने प्रदेश के साढ़े नौ लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी है. इनमें से किसी एक पर भी सवाल नहीं उठाया जा सकता. बिना भेदभाव के योग्य उम्मीदवारों का चयन पूरे प्रदेश के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है.

पहले वाली व्यवस्था पर निशाना

मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति याद दिलाई. उन्होंने कहा कि तब विज्ञापन निकलते ही वसूली का खेल शुरू हो जाता था. युवा भटकते रहते थे और आखिर में कोर्ट में स्टे लग जाता था. गलती युवाओं की नहीं, बल्कि आयोगों, बोर्डों और सरकारी तंत्र में बैठे भ्रष्ट लोगों की थी. अब नकल माफिया और दूसरे माफियाओं की कमर तोड़ दी गई है.

अगले छह महीने में एक लाख नौकरियां

योगी ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि अगले छह महीनों में एक लाख नौजवानों को अलग-अलग चरणों में हर हफ्ते सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि सरकार अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है.

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यूपी की तस्वीर बदली

मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाता था. युवा पलायन कर रहे थे, किसान आत्महत्या कर रहे थे, बेटियों की सुरक्षा का संकट था. आज जापान, जर्मनी और इजराइल यूपी के युवाओं को अपने यहां नौकरी दे रहे हैं. इजराइल में 5,000 युवा भेजे गए हैं, जिन्हें डेढ़ लाख रुपये मासिक वेतन के साथ रहने-खाने की सुविधा मिल रही है. योगी आदित्यनाथ ने पारदर्शी और मेरिट वाली भर्ती को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया और युवाओं की ऊर्जा को आगे बढ़ाने पर जोर दिया.