लखनऊ. रक्षाबंधन के मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं को दी गई निशुल्क बस यात्रा सुविधा का बड़ी संख्या में लोगों ने लाभ उठाया. 27 से 29 अगस्त तक तीन दिनों में 89 लाख लोगों ने मुफ्त बस यात्रा की. इस सुविधा पर सरकार के करीब 107 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के मुताबिक, मुफ्त यात्रा करने वालों में 56 लाख महिलाएं शामिल हैं. वहीं महिलाओं के साथ यात्रा करने वाले 33.65 लाख सहयात्रियों ने भी इस सुविधा का लाभ उठाया.

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तीन दिन में 89 लाख लोगों ने किया मुफ्त सफर

रक्षाबंधन के दौरान महिलाओं को अपने मायके जाने में सुविधा देने के लिए सरकार ने रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की व्यवस्था की थी. 27, 28 और 29 अगस्त को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी संख्या में महिलाओं ने बसों से यात्रा की. परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान कुल 89 लाख यात्रियों ने मुफ्त यात्रा की. इनमें महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा रही. सरकार की इस पहल का उद्देश्य रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराना था.

56 लाख महिलाओं ने उठाया फायदा

परिवहन विभाग के अनुसार, तीन दिनों में 56 लाख महिलाओं ने निशुल्क बस यात्रा की. महिलाओं के साथ यात्रा करने वाले 33.65 लाख सहयात्रियों को भी मुफ्त यात्रा की सुविधा मिली. इस तरह कुल 89 लाख लोगों ने रक्षाबंधन के दौरान उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में बिना किराया यात्रा की. सरकार ने इस सुविधा के लिए परिवहन निगम को करीब 107 करोड़ रुपये की राशि खर्च की.

अब सिर्फ 60+ उम्र की महिलाओं को फ्री यात्रा

रक्षाबंधन के लिए दी गई विशेष मुफ्त यात्रा सुविधा समाप्त होने के बाद अब 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को निशुल्क यात्रा का लाभ मिलेगा. यह सुविधा ‘लोकमाता अहिल्या बाई मातृ शक्ति यात्रा योजना’ के तहत जारी रहेगी. योजना के तहत उत्तर प्रदेश की 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएं उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की साधारण बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी.

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आधार या वोटर ID रखना जरूरी

निशुल्क यात्रा का लाभ लेने के लिए महिला का उत्तर प्रदेश की निवासी होना जरूरी है. यात्रा के दौरान उम्र और पहचान के सत्यापन के लिए आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड साथ रखना होगा. इससे प्रदेश की बुजुर्ग महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन में आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है.