उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में परिचालकों की कमी को देखते हुए सीधे अनुबंध के आधार पर भर्ती की मंजूरी दी गई है. इस संबंध में 21 अगस्त को संयुक्त सचिव ने निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा है.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में परिचालकों की कमी को दूर करने के लिए सीधे अनुबंध के आधार पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है. तात्कालिक जरूरतों को देखते हुए यूपी सरकार ने परिवहन निगम को परिचालकों की सीधी संविदा भर्ती की आधिकारिक मंजूरी दे दी है.

इस संबंध में संयुक्त सचिव राजेंद्र कुमार ने 21 अगस्त को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र जारी किया है. पत्र में कहा गया है कि जिस तरह पहले महिला परिचालकों को संविदा पर रखा गया था, उसी व्यवस्था के तहत अब आवश्यकता के अनुसार परिचालकों को सीधे अनुबंध-पत्र के आधार पर नियुक्त किया जाएगा.

परिचालकों की कमी

रोडवेज में लंबे समय से परिचालकों की कमी बनी हुई है. इसके कारण कई मार्गों पर बसों के संचालन में बाधा आने की बात सामने आई है.

शासन के इस निर्णय से परिवहन निगम में कर्मचारियों की कमी दूर करने के साथ राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद है. यह आदेश परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और परिवहन मंत्री के कार्यालय को भी भेजा गया है, जिसके चलते भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है.

परिषद ने बताया अहम

रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय महामंत्री गिरीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि महिला परिचालकों की तर्ज पर पुरुष परिचालकों को भी आउटसोर्सिंग के बजाय पहले की तरह सीधे निगम में रखा जाएगा.

उन्होंने कहा कि परिचालक परिवहन निगम के कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उनके पास यात्रियों से प्राप्त नकद राशि होती है, जिसे वे सीधे निगम के खजाने में जमा करते हैं. ऐसे में परिषद का मानना है कि इस पद पर निगम के प्रति उत्तरदायी कर्मचारी की नियुक्ति होनी चाहिए.

एग्रीगेटर पोर्टल का डेमो

वहीं, परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन की अध्यक्षता में शुक्रवार को परिवहन आयुक्त कार्यालय में उत्तर प्रदेश में एग्रीगेटर के रूप में काम कर रही कंपनियों के प्रतिनिधियों और एनसीआर तथा लखनऊ के विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक हुई.

बैठक में पोर्टल के डेवलपर टीम ने ऑनलाइन आवेदन के लिए तैयार किए गए upmyfleet.com पोर्टल का लाइव डेमो दिया. परिवहन आयुक्त ने बताया कि पोर्टल के जरिए एग्रीगेटर लाइसेंस के लिए एक आवेदन ऑनलाइन सफलतापूर्वक पंजीकृत हो चुका है और आवेदन प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आ रही है.

उन्होंने संबंधित लोगों से चार दिन के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करने को कहा है.