मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में कहा कि अगले एक माह में 500 और पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जाएगी. उन्होंने निजी अकादमियों और अखाड़ों को सहयोग देने के साथ नई युवा नीति की जानकारी भी दी.

गोरखपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार नई व्यवस्थाएं लागू कर रही है. गोरखनाथ मंदिर में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता के समापन समारोह में उन्होंने बताया कि खेल नीति के तहत देश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था की गई है.

मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब तक 500 से अधिक पदक विजेता खिलाड़ियों को अलग-अलग विभागों में रोजगार दिया जा चुका है. अगले एक माह में 500 और पदक विजेता खिलाड़ियों को उत्तर प्रदेश पुलिस समेत अन्य विभागों में नियुक्ति दी जाएगी.

उपलब्धि के अनुसार पद

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खिलाड़ियों को उनकी प्रतिभा और उपलब्धियों के अनुरूप महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया जा रहा है. खेल विभाग में सहायक निदेशक से लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस में डिप्टी एसपी तक के पद खिलाड़ियों को दिए गए हैं.

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ खिलाड़ियों को पुरस्कार देना नहीं, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित करना भी है. मुख्यमंत्री ने बताया कि ओलिंपिक में उत्तर प्रदेश का खिलाड़ी स्वर्ण पदक जीतता है तो उसे छह करोड़ रुपये, रजत पदक पर चार करोड़ और कांस्य पदक पर दो करोड़ रुपये दिए जाते हैं.

ओलिंपिक में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को 10 लाख रुपये तथा कामनवेल्थ और एशियाड में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता दी जाती है.

अकादमी और अखाड़ों को सहयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल संस्कृति को मजबूत करने में निजी क्षेत्र, स्वयंसेवी संगठनों और समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है. निजी खेल अकादमियां युवाओं को प्रशिक्षण देकर आगे बढ़ा रही हैं तो सरकार उन्हें सहयोग देगी.

उन्होंने कहा कि पुराने अखाड़ों का पंजीकरण कराया जाएगा. अखाड़ों के निर्माण, मैटिंग, प्रशिक्षण, कोच और मैनेजर समेत अन्य सुविधाओं के लिए सहायता की व्यवस्था की जाएगी.

योगी ने गाजीपुर की खेल संस्कृति का उदाहरण देते हुए कहा कि ओलिंपिक पदक विजेता ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल एक निजी स्टेडियम से निकलकर आगे बढ़े. उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र उचित मंच और संसाधन उपलब्ध कराए तो देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी मिल सकते हैं.

अनुशासन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के लिए पहला नियम आत्म-अनुशासन और आत्म-संयम है. समय पर सोना-जागना, खान-पान के नियमों का पालन और गुरु-कोच के प्रति सम्मान खिलाड़ी को लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है.

उन्होंने कहा कि अखाड़े की परंपरा में पहलवान गुरु और उस्ताद को प्रणाम कर प्रवेश करता है. यह श्रद्धा उसे आगे बढ़ने की शक्ति देती है.

योगी ने कहा कि पहलवानों की परंपरा केवल शारीरिक शक्ति तक सीमित नहीं है. सात्विक जीवन, साधना और आत्मविश्वास भी इसका हिस्सा हैं. हनुमान जी की आराधना से जुड़ी परंपरा बल, बुद्धि और आत्मविश्वास की प्रेरणा देती है.

जल्द आएगी युवा नीति

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में जल्द नई युवा नीति लाने की जानकारी एक बार फिर दी. उन्होंने बताया कि इसके तहत युवाओं के लिए नए कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे.

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए अभ्युदय कोचिंग को कॉलेजों और विश्वविद्यालयों तक पहुंचाने की तैयारी है. प्रत्येक जिले में एम्प्लायमेंट जोन विकसित किया जाएगा, जहां एक ही छत के नीचे युवाओं की स्किलिंग और रोजगार की व्यवस्था उपलब्ध कराने का लक्ष्य है.

नागपंचमी और सावन के तीसरे सोमवार की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने पर्व के आध्यात्मिक महत्व पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि प्रत्येक मनुष्य के भीतर शक्ति है और उस शक्ति में संतुलन स्थापित करने में सुषुम्ना नाड़ी की महत्वपूर्ण भूमिका मानी गई है.

खेलों में हुए कार्य

प्रदेश स्तरीय प्राइजमनी कुश्ती प्रतियोगिता के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश शिक्षा, चिकित्सा, खेल सहित हर क्षेत्र में विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है.

उन्होंने कहा कि योगी के नेतृत्व में बीते नौ वर्षों में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए ऐतिहासिक कार्य हुए हैं. यूपी में खेल क्षेत्र चमक उठा है और खिलाड़ियों के चेहरे पर खिलखिलाहट आई है.

गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए यूपी में रोजगार की गारंटी है. समारोह को कुशीनगर के सांसद विजय दुबे ने भी संबोधित किया.

ये लोग रहे मौजूद

इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान, महापौर डा. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक श्रीराम चौहान, फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डा. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी, पूर्व महापौर अंजू चौधरी, डॉ. विभ्राट चंद कौशिक, कालीबाड़ी के महंत रवींद्रदास, खेल विभाग के सचिव सुहास एलवाई, खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष दिनेश सिंह, जिला कबड्डी संघ गोरखपुर के अध्यक्ष अरुणेश शाही, हाकी संघ के जिलाध्यक्ष मनीष सिंह, कुश्ती संघ के पदाधिकारीगण आदित्य सिंह आगू, मायाशंकर शुक्ल, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी राजेश सोनकर, कुश्ती प्रशिक्षक चंद्रविजय आदि मौजूद रहे.