लखनऊ। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत उत्तर प्रदेश ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश ने घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना के मामले में महाराष्ट्र को पीछे छोड़ते हुए देश में दूसरा स्थान प्राप्त कर लिया है। प्रदेश में अब तक 6,74,393 घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। राष्ट्रीय रैंकिंग में गुजरात 7,49,839 संयंत्रों के साथ पहले और महाराष्ट्र 6,73,717 संयंत्रों के साथ तीसरे स्थान पर है।

अतिरिक्त बिजली से उपभोक्ता आय अर्जित कर रहे हैं

यूपी नेडा के निदेशक रविंदर सिंह ने बताया कि प्रदेश में अब तक 2,283.8 मेगावाट (2.28 गीगावाट) घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता विकसित हो चुकी है। इससे लाखों परिवार अपनी छतों पर बिजली उत्पादन कर रहे हैं और पारंपरिक बिजली पर उनकी निर्भरता कम हुई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के उपभोक्ताओं को प्रतिदिन लगभग 6.5 करोड़ रुपये मूल्य की मुफ्त सौर ऊर्जा का लाभ मिल रहा है। अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर उपभोक्ता आय भी अर्जित कर रहे हैं।

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निर्माण से जुड़े उद्योगों को मिला बढ़ावा

योजना के विस्तार से प्रदेश में सोलर उद्योग को भी नई गति मिली है। वर्तमान में 7,000 से अधिक कंपनियां इस क्षेत्र में सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से 85 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं। सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, इंजीनियरिंग, नेट मीटरिंग, लॉजिस्टिक्स, सेल्स और मेंटेनेंस जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। इसके साथ ही सोलर मॉड्यूल, इन्वर्टर, माउंटिंग स्ट्रक्चर और अन्य उपकरणों के निर्माण से जुड़े उद्योगों को भी बढ़ावा मिला है।

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सरकार के अनुसार, रूफटॉप सोलर मॉडल के कारण 9,000 एकड़ से अधिक भूमि की बचत हुई है, क्योंकि बिजली उत्पादन के लिए अलग से बड़े भू-भाग की आवश्यकता नहीं पड़ी। वहीं पर्यावरण के मोर्चे पर भी योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अनुमान है कि स्थापित क्षमता से हर वर्ष करीब 3.8 अरब यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन होगा, जिससे 27 लाख टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी। सरकार का कहना है कि यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित विकास की दिशा में नई पहचान दिला रही है।