लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मानसून अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक, बारिश की गतिविधियों में लगातार कमी आने के संकेत हैं. रविवार को कुछ जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि 20 सितंबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और 22 सितंबर तक पूरे प्रदेश में बारिश का मौजूदा दौर थमने का अनुमान है.
इसे भी पढ़ें- सीओ जियाउल हक हत्याकांड: राजा भैया को CBI कोर्ट से बड़ी राहत! याचिका खारिज, जानिए अदालत का पूरा फैसला
10 शहरों में हुई तेज बारिश
पिछले 24 घंटे में लखनऊ, कानपुर, बरेली, बहराइच और झांसी समेत कई शहरों में बारिश हुई. कानपुर में दोपहर करीब 2 बजे अचानक अंधेरा छा गया और इसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से आ रही नमी के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो रही है.
गोंडा में 25 गांवों से उतरा बाढ़ का पानी
बारिश कम होने के साथ नदियों का जलस्तर भी घटने लगा है. गोंडा में घाघरा नदी का पानी कम होने से 25 गांवों से बाढ़ का पानी उतर गया है. हालांकि 10 गांव अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं और कई रास्ते जलमग्न होने से आवागमन प्रभावित है. कटान के कारण करीब 20 बीघा कृषि भूमि नदी में समा गई.
मऊ में सरयू की कटान से जमीन प्रभावित
22 सितंबर के बाद मौसम शुष्क होने के आसार
मऊ में भी सरयू नदी की कटान से दो दिनों में करीब 5 बीघा जमीन नदी में समा चुकी है. वहीं वाराणसी में गंगा का जलस्तर घटने से घाटों की सीढ़ियों से पानी उतर गया है. हालांकि घाटों पर कीचड़ जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
इसे भी पढ़ें- जिसे चाचा समझा, वो तो बीवी का पति निकला! 15 दिन की दुल्हन फरार, नए हसबैंड के उड़े होश
लखनऊ मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से आने वाली नमी के कारण पूर्वांचल में बारिश हो रही है, जबकि पश्चिमी और मध्य यूपी में बारिश कमजोर पड़ रही है. मौसम विभाग के अनुसार 20 सितंबर से पश्चिमी यूपी और 22 सितंबर तक पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कम होकर मौसम शुष्क हो सकता है. हालांकि, बाद के दिनों में एक नए मौसम सिस्टम के प्रभाव से पूर्वांचल में 23 सितंबर के आसपास बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना भी जताई गई है.



