अंबाला। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में मंगलवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा जिला प्रशासन के रवैये से नाराज होकर बैठक का बहिष्कार करते हुए बीच में ही बाहर निकल गए। सांसद निधि से प्रस्तावित विकास कार्यों को लगातार खारिज किए जाने पर उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताई।

‘अगर हर प्रस्ताव खारिज करना है तो बैठक का क्या मतलब?’

बैठक के दौरान सांसद कार्तिकेय शर्मा ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन उनके द्वारा सुझाए गए जनहित के विकास कार्यों को बिना उचित कारण के लगातार अस्वीकार कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि उनके प्रस्तावों को इसी तरह खारिज किया जाता रहेगा, तो ऐसी बैठक में शामिल होने का कोई औचित्य नहीं है।नाराजगी जाहिर करते हुए सांसद अपनी सीट से उठे और बैठक बीच में ही छोड़कर बाहर चले गए।

लोकसभा सांसद वरुण चौधरी ने भी जताई नाराजगी

इस दौरान अंबाला के लोकसभा सांसद वरुण चौधरी ने भी कार्तिकेय शर्मा का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके द्वारा प्रस्तावित विकास कार्यों को भी प्रशासन अनावश्यक रूप से लंबित रख रहा है। उन्होंने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए विकास कार्यों में तेजी लाने की मांग की।

बैठक में मचा हड़कंप

दोनों सांसदों के विरोध के बाद बैठक का माहौल गर्म हो गया। जनप्रतिनिधियों की नाराजगी से अधिकारियों में भी हलचल मच गई। विकास कार्यों को लेकर सांसदों और जिला प्रशासन के बीच हुआ यह टकराव अब जिले में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।