शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी कलह और गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद से पार्टी के भीतर भूचाल मचा हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जहां एक तरफ दिल्ली दरबार (हाईकमान) प्रदेश नेतृत्व से सख्त नाराज बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश संगठन अब सोशल मीडिया पर अपनी ही पार्टी को घेरने वाले नेताओं पर बड़ी कार्रवाई करने के मूड में है।
सोशल मीडिया पर पीसीसी की पैनी नजर
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद से कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सीधे तौर पर प्रदेश नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार लिखे जा रहे पोस्ट को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी लाइन से बाहर जाकर सार्वजनिक रूप से असंतोष जाहिर करने वाले और वरिष्ठ नेताओं पर उंगली उठाने वाले नेताओं की एक सूची तैयार की जा रही है। संगठन ऐसे लोगों के खिलाफ जल्द ही कड़ा अनुशासनात्मक एक्शन लेने की तैयारी में है।
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कमजोर समन्वय और कानूनी राय न लेने पर उठे सवाल
इस पूरे एपिसोड ने मध्य प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के बीच समन्वय (Coordination) की कमी को उजागर कर दिया है। बताया जा रहा है कि नामांकन दाखिल करने के करीब चार दिन पहले ही उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी गई थी, इसके बावजूद पार्टी के जिम्मेदार पदाधिकारियों ने इस पर किसी विधि विशेषज्ञ (Legal Expert) से राय नहीं ली। इसी लापरवाही का नतीजा रहा कि तकनीकी कमियों के चलते नामांकन रद्द हो गया, जिससे पार्टी को ऐन वक्त पर एक मजबूत सीट पर बड़ा झटका लगा है।
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मौजूदा नेतृत्व से हाईकमान नाराज, होगी समीक्षा
सूत्रों की मानें तो इस बड़ी चूक को लेकर कांग्रेस आलाकमान बेहद गंभीर है। दिल्ली नेतृत्व ने मौजूदा प्रदेश टीम की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है, जिसमें जीतू पटवारी (पीसीसी चीफ), हरीश चौधरी (प्रदेश प्रभारी), उमंग सिंघार (नेता प्रतिपक्ष) शामिल हैं। हाईकमान ने इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के पूरे घटनाक्रम की सिलसिलेवार समीक्षा (Review) की जाएगी और यह तय किया जाएगा कि इस बड़ी लापरवाही के लिए असल में कौन जिम्मेदार है। आने वाले दिनों में कांग्रेस के भीतर सांगठनिक स्तर पर इसके बड़े साइड इफेक्ट्स देखने को मिल सकते हैं।
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