हेमंत शर्मा, इंदौर। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के मुद्दे पर युवा कांग्रेस ने सोमवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। युवा कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
इंदौर शहर युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित पटेल के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई घटनाओं ने लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उनका कहना है कि जिस तरह से नामांकन निरस्त किया गया, उससे लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोगों के बीच असंतोष और नाराजगी बढ़ी है।
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ज्ञापन में कहा गया कि लोकतंत्र की मजबूती स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों पर टिकी होती है, लेकिन इस मामले में कई ऐसे सवाल खड़े हुए हैं जिनका जवाब देश की जनता जानना चाहती है। युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यदि चुनावी प्रक्रिया में समान नियमों का पालन नहीं किया जाता तो इससे संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से मांग की कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
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कलेक्टर कार्यालय परिसर में आयोजित प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने दावा किया कि जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों पर संगठन लगातार आवाज उठाता रहेगा। इस प्रदर्शन के दौरान इंदौर शहर युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित पटेल, इंदौर ग्रामीण युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

