कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) को लेकर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के बीच प्रदेश भाजपा ने कांग्रेस और इनेलो पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने सवाल उठाया कि जिन दलों के शासनकाल में ठेकेदारों के माध्यम से नियुक्तियां होती थीं, उस दौरान युवाओं के लिए मेरिट, पारदर्शिता और आरक्षण की व्यवस्था कहां थी।

भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस और इनेलो के शासन में ठेकेदारी व्यवस्था के जरिए युवाओं को रोजगार दिया जाता था और इस प्रक्रिया में वेतन कटौती, निर्धारित दरों के नाम पर रकम काटने तथा सिफारिश के आरोप सामने आते रहे। पार्टी ने कहा कि ऐसी व्यवस्था में बदलाव की जरूरत को देखते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम की स्थापना की पहल की।

पार्टी के अनुसार 13 अक्टूबर 2021 को HKRN का पंजीकरण हुआ और 1 नवंबर 2021 को पोर्टल शुरू किया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में युवाओं ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया और विभिन्न सरकारी विभागों में रोजगार के अवसर प्राप्त किए।

आरक्षण को लेकर उठ रहे सवालों पर भाजपा ने कहा कि HKRN में Family ID के माध्यम से पात्रता और सत्यापन की प्रक्रिया को महत्व दिया जाता है, जबकि नियमित सरकारी भर्तियां संवैधानिक नियमों और आरक्षण व्यवस्था के तहत होती हैं।

भाजपा ने कहा कि मौजूदा सरकार HKRN कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। पार्टी ने विपक्ष के आंदोलन पर तंज कसते हुए कहा कि हरियाणा का युवा अब ठेकेदार के जरिए रोजगार नहीं, बल्कि पारदर्शी व्यवस्था, मेरिट और सम्मानजनक रोजगार चाहता है।