अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रखी है, उसके बाद भी कुछ टैंकर चोरी-छिपे होर्मुज पार कर अपने डेस्टिनेशन तक पहुंच रहे हैं जिससे अमेरिका की नाकेबंदी पर सवाल उठ रहे हैं. अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के फाइनेंशियल नेटवर्क के बारे में जानकारी देने वालों के लिए 1.5 करोड़ डॉलर यानी लगभग 143 करोड़ भारतीय रुपये तक के इनाम का ऐलान किया है। अमेरिका के मुताबिक, IRGC इलीगल ऑयल बिजनेस और सीक्रेट फाइनेंशियल नेटवर्क के माध्यम से आतंक और क्षेत्र में अस्थिरता को बढ़ावा दे रहा है।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी के बीच अमेरिका ने ईरान से जुड़े 60 से ज्यादा जहाजों को वापस लौटाया है. अब अमेरिका ने नाकेबंदी के संबंध में ही इनाम की घोषणा की है.

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के बावजूद तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रखी है जिसकी वजह से ईरान का तेल लेकर जहाज होर्मुज स्ट्रेट से निकल नहीं पा रहे हैं. हालांकि,लेकिन अमेरिका ने अब ईरानी तेल शिपमेंट्स की जानकारी देने पर इनाम की घोषणा कर दी है.

अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और उसके सहयोगियों से जुड़े तेल शिपमेंट्स की जानकारी देने पर 1.5 करोड़ डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है.

‘रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस प्रोग्राम’ के तहत जारी बयान में अमेरिका ने कहा कि वो IRGC से जुड़े तेल की डिलीवरी, इसमें शामिल टैंकरों, संस्थाओं और उन लोगों के बारे में जानकारी चाहता है जो कथित अवैध ट्रांसफर से जुड़े हैं. यह घोषणा ईरान के खिलाफ अमेरिका की नाकेबंदी ऑपरेशन का हिस्सा है जिसके तहत IRGC से जुड़े तेल निर्यात, शिपिंग नेटवर्क और वित्तीय चैनलों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं.

बता दें कि IRGC के कथित तेल कारोबार नेटवर्क और ईरानी तेल को विदेशों तक पहुंचाने वाले लोगों व कंपनियों पर भी अमेरिका ने नए तरह के प्रतिबंध लगाए हैं। इसके साथ ही, IRGC के Shahid Purjafari ऑयल हेडक्वार्टर से जुड़े 3 सीनियर अफसरों को भी टारगेट पर लिया गया है। अमेरिकी अफसरों का दावा है कि ये लोग तेल से जुड़े फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन को ऑपरेट कर रहे थे।

अमेरिका के मुताबिक, इन कार्रवाइयों का उद्देश्य उन फंडिंग चैनल्स पर रोक लगाना है जिनका प्रयोग कथित रूप से प्रॉक्सी संगठनों और मिलिट्री एक्टिविटीज के लिए किया जाता है। 

ट्रंप ने पिछले महीने कहा था कि ईरान का तेल ढांचा ‘तीन दिनों के भीतर फट सकता है’, क्योंकि नाकेबंदी के चलते ईरान अपने तेल कुओं से निकाले जा रहे तेल का निर्यात नहीं कर पाएगा. ट्रंप ने पत्रकारों से कहा था, ‘अगर उनका तेल बाहर नहीं जा पाया, तो उनका पूरा तेल ढांचा बर्बाद हो जाएगा.’

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