कुंदन कुमार, पटना। बिहार के वाल्मीकि नगर बराज से नेपाल द्वारा भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद उत्पन्न हुई गंभीर स्थिति को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह से सतर्क हो गई है। इस बीच, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस संवेदनशील मामले पर एक बड़ा और स्पष्ट बयान दिया है, जिससे प्रभावित इलाकों के लोगों को काफी हद तक राहत और भरोसा मिला है।
उच्च स्तरीय कमेटी का गठन और मुख्य सचिव को कमान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने तुरंत कदम उठाए हैं। इस पूरी परिस्थिति पर नजर रखने के लिए एक विशेष कमेटी का गठन कर दिया गया है। इस पूरी व्यवस्था की कमान खुद राज्य के मुख्य सचिव के हाथों में है, जो हर एक गतिविधि और जलस्तर पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।
आम जनता को न हो कोई परेशानी, यही मेरा मुख्य प्रयास
सरकार की प्राथमिकता और अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इस प्राकृतिक या कृत्रिम संकट के दौरान राज्य की आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे स्वयं स्थिति का मुआयना (निरीक्षण) करने के लिए जल्द ही मौके पर जाएंगे ताकि जमीनी हकीकत का जायजा लिया जा सके और प्रशासनिक तैयारियों को परखा जा सके।
प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और बराज से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। हालांकि, सरकार के इस proactive रुख से यह साफ है कि प्रशासन किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और निचले इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।


