‘वंदे मातरम’ को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब कानूनी शिकायत तक पहुंच गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के खिलाफ दिल्ली पुलिस (Delhi Police) में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में 15 अगस्त को नई दिल्ली स्थित ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम’ के गायन में कथित तौर पर बाधा डालने का आरोप लगाया गया है।

शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले की जांच करने और राहुल गांधी तथा सोनिया गांधी के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, शिकायत दर्ज होना आरोपों की पुष्टि नहीं करता है। दिल्ली पुलिस फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और यह देखा जा रहा है कि समारोह के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।

शिकायतकर्ता और सुप्रीम कोर्ट के वकील शुभ शर्मा ने मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शुभ शर्मा ने दावा किया कि हाल में लागू कानूनी प्रावधानों के तहत ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान के समान दर्जा हासिल है। उन्होंने कहा कि ऐसे में इससे जुड़े प्रावधान सोनिया गांधी समेत हर व्यक्ति पर लागू होते हैं। शर्मा ने कहा कि सोनिया गांधी एक वरिष्ठ नेता हैं और उनके सार्वजनिक आचरण का प्रभाव बड़ी संख्या में लोगों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई वरिष्ठ नेता सार्वजनिक रूप से ‘वंदे मातरम’ का विरोध करता है तो इसे देश स्वीकार नहीं कर सकता। हालांकि, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी शिकायत के स्तर पर हैं और पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कार्यक्रम में वास्तव में क्या हुआ था।

AICC मुख्यालय के कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद

15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया था। इसी दौरान ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर विवाद खड़ा हुआ। सामने आए वीडियो को लेकर आरोप लगाया गया कि सोनिया गांधी ने गीत के गायन के दौरान कुछ इशारे किए और राहुल गांधी भी वहां मौजूद थे। इस घटनाक्रम को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर निशाना साधा। कांग्रेस की ओर से इस पूरे घटनाक्रम को अलग संदर्भ में पेश किया गया है। पार्टी की तरफ से कहा गया कि कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे के बैठने की व्यवस्था को लेकर सोनिया गांधी ने संकेत किया था। ऐसे में विवाद के बीच दोनों पक्षों की अलग-अलग व्याख्या सामने आई है।

अब पुलिस जांच पर टिकी नजर

शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल इसे प्रारंभिक जांच का मामला माना जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित तौर पर कोई व्यवधान हुआ था या नहीं और यदि हुआ तो उसके लिए कौन जिम्मेदार था। जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

बीजेपी ने कांग्रेस पर लगाया ‘वंदे मातरम’ के अपमान का आरोप

‘वंदे मातरम’ को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। बीजेपी ने कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रगीत के प्रति ‘घोर अनादर’ दिखाने का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का दावा है कि 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ के गायन के दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का रवैया आपत्तिजनक था। बीजेपी की ओर से आरोप लगाया गया कि कांग्रेस नेताओं ने ‘वंदे मातरम’ के पूरे संस्करण के गायन पर आपत्ति जताई और इसे रोकने का प्रयास किया। इसको लेकर बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस से सार्वजनिक माफी की मांग भी की। हालांकि, ये आरोप राजनीतिक पक्षों के दावों पर आधारित हैं और घटना को लेकर दोनों दलों की अलग-अलग व्याख्या सामने आई है।

कांग्रेस ने आरोपों को बताया गलत

कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाया गया और उसे रोकने की कोई कोशिश नहीं की गई। पार्टी के मुताबिक, वीडियो में सोनिया गांधी जिस समय इशारा करती दिखाई दे रही हैं, उस समय उनका उद्देश्य राष्ट्रगीत को रोकना नहीं था। वह पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी की व्यवस्था करने का संकेत दे रही थीं, क्योंकि खरगे कुछ समय से खड़े थे। कांग्रेस की सफाई के मुताबिक, पूरे मामले को वीडियो के एक हिस्से के आधार पर अलग अर्थ दिया जा रहा है। वहीं बीजेपी इस घटनाक्रम को राष्ट्रीय गीत के सम्मान से जोड़कर कांग्रेस पर लगातार हमला कर रही है।

क्या है पूरा विवाद?

15 अगस्त को दिल्ली स्थित AICC मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर विवाद सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी ने गीत के दौरान कुछ ऐसे इशारे किए, जिन्हें शिकायतकर्ता ने गायन पर आपत्ति के तौर पर देखा। राहुल गांधी के कथित बयान का भी शिकायत में उल्लेख किया गया है। इस मामले में 16 अगस्त को दिल्ली पुलिस में शिकायत देकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई। शिकायतकर्ता ने घटना की निष्पक्ष जांच, वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की मांग की है।

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