अनुगुल/रायगड़ा। ओडिशा विजिलेंस विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रायगड़ा ग्रामीण विकास विभाग-1 (RWD-1) के कार्यकारी अभियंता प्रसन्ना कुमार पटनायक को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी अधिकारी की सेवानिवृत्ति में मात्र 6 दिन बचे थे।

जानकारी के अनुसार, अभियंता पर आरोप है कि वह एक ठेकेदार से 50 लाख रुपये के लंबित बिलों के भुगतान और कार्य अनुभव प्रमाणपत्र जारी करने के बदले 5 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहा था, जो पहले 2.50 लाख रुपये तय हुआ और बाद में सौदा घटकर 2 लाख रुपये पर आ गया।

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस विभाग की टीम ने 23 जून 2026 की रात जाल बिछाया। जैसे ही ठेकेदार ने निर्धारित 2 लाख रुपये की रिश्वत दी, टीम ने मौके पर ही अभियंता को दबोच लिया और पूरी राशि बरामद कर ली।

गिरफ्तारी के तुरंत बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इनमें भुवनेश्वर के नंदन विहार स्थित आवास, नयागढ़ जिले के उदयपथो लेन स्थित पैतृक घर, रायगड़ा स्थित कार्यालय और सरकारी आवास शामिल हैं।

छापेमारी के दौरान अभियंता के ठिकानों से कुल 3.39 लाख रुपये नकद बरामद हुए, जिससे जब्त कुल नकदी 5.39 लाख रुपये तक पहुंच गई। इसके अलावा तलाशी में आय से अधिक संपत्ति के संकेत भी मिले हैं, जिनमें महंगे गैजेट्स और अन्य कीमती सामान शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार, आरोपी अधिकारी 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले थे, लेकिन उससे ठीक पहले ही वह सतर्कता विभाग के शिकंजे में आ गए। विभाग अब उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (DA) के मामले में भी विस्तृत जांच कर रहा है।

विजिलेंस विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान का हिस्सा है और आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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