पटना। इस वर्ष सावन का महीना विशेष होने वाला है क्योंकि कैथवलिया स्थित विराट रामायण मंदिर में पहली बार रुद्राभिषेक का आयोजन किया जा रहा है। 30 जुलाई से शुरू हो रहे सावन में चार सोमवार पड़ेंगे जिसकी पहली सोमवारी 3 अगस्त को है। इस अवसर पर भक्तों की आस्था को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं।

​विराट रामायण मंदिर में विशेष व्यवस्था

​विराट रामायण मंदिर में पहले से ही विश्व का सबसे विशाल 33 फीट का सहस्त्रलिंगम स्थापित है जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र है। भक्तों की सुविधा के लिए इस मुख्य शिवलिंग से अलग एक विशेष शिव मंडप का निर्माण किया गया है। अब भक्त इसी मंडप में स्थापित शिवलिंग पर जलार्पण और रुद्राभिषेक कर सकेंगे। श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि पूजा के लिए पटना से विशेष पुजारियों को भेजा जाएगा। हालांकि रुद्राभिषेक के लिए शुल्क अभी तय किया जाना शेष है।

​भक्तों को नहीं लानी होगी पूजन सामग्री

​मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि रुद्राभिषेक के लिए आने वाले भक्तों को कोई भी सामग्री अपने साथ लाने की आवश्यकता नहीं है। पूजा से जुड़ी सभी आवश्यक वस्तुएं, दूध, फल और अन्य सामग्री मंदिर प्रशासन द्वारा ही उपलब्ध कराई जाएगी। भक्तों को केवल अपनी बुकिंग के अनुसार निर्धारित समय पर मंदिर पहुंचना होगा। वर्तमान में यहां प्रतिदिन 4 से 5 हजार भक्त दर्शन करने आते हैं लेकिन सावन के दौरान यह संख्या बढ़ने की प्रबल संभावना है।

​महावीर मंदिर में भी विशेष तैयारियां

​महावीर मंदिर में भी रुद्राभिषेक की भव्य तैयारी की गई है। यहां चार अलग-अलग शिवलिंगों पर अभिषेक की व्यवस्था है। तीन शिवलिंगों पर सुबह 5 बजे से पूजा शुरू होगी जबकि मुख्य महावीर जी के बगल वाले शिवलिंग पर दोपहर 12 बजे से रुद्राभिषेक होगा। इस मुख्य शिवलिंग पर सुबह 5 से 10 बजे तक भक्त जल चढ़ा सकते हैं।
​महावीर मंदिर में रुद्राभिषेक का शुल्क सोमवार के लिए 3100 रुपये और सामान्य दिनों के लिए 2500 रुपये निर्धारित है। इस शुल्क में पंडित जी की दक्षिणा पूजन सामग्री और मंदिर का शुल्क शामिल है। भक्तों को भीषण गर्मी से राहत देने के लिए सभी शिव मंडपों को आकर्षक फूलों से सजाया गया है और एसी की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है ताकि श्रद्धालु भक्तिभाव से पूजा संपन्न कर सकें।