Business Desk – Vodafone Idea Share : वोडाफोन आइडिया (Vi) के शेयरों ने हाल के महीनों में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. कंपनी का शेयर तीन महीने से भी कम समय में करीब 80% चढ़ चुका है, जबकि पिछले एक साल में इसमें लगभग 110% की तेजी दर्ज की गई है. अप्रैल में 8.13 रुपए के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद शेयर ने जोरदार वापसी की और इस महीने की शुरुआत में 15.34 रुपए का नया 52-वीक हाई बना लिया.

शेयर में तेजी क्यों आई?

वोडाफोन आइडिया की रैली के पीछे कई बड़े कारण रहे. सबसे पहले, दूरसंचार विभाग (DoT) ने कंपनी के AGR बकाये में 27% की कटौती कर इसे 64,046 करोड़ रुपए कर दिया. इससे कंपनी पर वित्तीय दबाव कुछ कम हुआ और निवेशकों का भरोसा बढ़ा.

इसके अलावा, करीब पांच साल बाद उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला की नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में वापसी ने भी बाजार को सकारात्मक संकेत दिया. हाल ही में कंपनी ने आदित्य बिड़ला ग्रुप से वारंट जारी कर 1,182 करोड़ रुपए जुटाने की घोषणा की, जिससे शेयर को और सपोर्ट मिला.

एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं?

एंजेल वन के टेक्निकल एनालिस्ट हितेश राठी के मुताबिक, हालिया तेजी के बावजूद शेयर के चार्ट में अभी तक कोई बड़ा बुलिश ट्रेंड दिखाई नहीं देता. उनका कहना है कि स्टॉक अभी भी एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है और इसका ट्रेंड न्यूट्रल से लेकर बेयरिश बना हुआ है. हालांकि, शेयर मजबूत सपोर्ट जोन पर टिका हुआ है. ऐसे में निकट अवधि में यह 18 से 20 रुपए तक पहुंच सकता है.

20 रुपए का स्तर क्यों अहम?

विशेषज्ञों के अनुसार यदि Vodafone Idea का शेयर 20 रुपए के ऊपर मजबूती से टिक जाता है, तो यह कई वर्षों में पहली बार नया “हायर हाई” बनाएगा. ऐसी स्थिति में शेयर के 29 से 30 रुपए तक जाने की संभावना बन सकती है.

फंडामेंटल्स अब भी चिंता का विषय

INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दसानी का मानना है कि हालिया तेजी को कंपनी के मजबूत फंडामेंटल्स का संकेत नहीं माना जाना चाहिए. उनके मुताबिक, यह तेजी मुख्य रूप से सकारात्मक सेंटीमेंट, सरकारी राहत और शॉर्ट कवरिंग का परिणाम है.

कंपनी अब भी जियो और एयरटेल के मुकाबले ग्राहकों को खो रही है. ARPU (Average Revenue Per User) भी प्रतिस्पर्धियों से कम है. इसके अलावा कंपनी पर कर्ज का बोझ अभी भी भारी है और 5G नेटवर्क विस्तार में भी वह पीछे चल रही है.

खरीदें, बेचें या होल्ड करें?

विशेषज्ञों का मानना है कि Vodafone Idea फिलहाल लंबी अवधि के निवेशकों की तुलना में शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए बेहतर अवसर हो सकता है. यदि कोई निवेशक टेलीकॉम सेक्टर में निवेश करना चाहता है, तो मजबूत फंडामेंटल्स वाली कंपनियां ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकती हैं. Vi का शेयर फिलहाल हाई रिस्क-हाई रिवॉर्ड कैटेगरी में माना जा रहा है. इसलिए निवेश से पहले जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है.