एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि 23 लाख छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर संकट है। पठान ने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले पेपर लीक छात्रों की मेहनत और मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाल रहे हैं। उन्होंने कहा, “एक छात्र दो साल तक मेहनत करता है, परीक्षा अच्छी जाती है, लेकिन बाद में एनटीए कहता है कि पेपर लीक हो गया और परीक्षा रद्द कर दी जाती है। आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?”

पठान ने एक छात्र की आत्महत्या का जिक्र करते हुए इसे “कोल्ड ब्लडेड मर्डर” बताया और कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार की है। उन्होंने यह भी कहा कि नीट पेपर लीक पहली बार नहीं हुआ, इससे पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। एआईएमआईएम नेता ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए एनटीए के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने छात्रों को आर्थिक मुआवजा देने और मामले पर शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan की चुप्पी पर जवाब मांगा।

छात्रों को मुआवजा दे सरकार

वारिस पठान ने सरकार से मांग की कि छात्रों की पूरी फीस वापस की जाए और उन्हें मुआवजा दिया जाए। साथ ही उन्होंने री-एग्जाम का पूरा खर्च भी सरकार को उठाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों को न्याय नहीं मिला, तो वे संवैधानिक तौर पर सड़कों पर उतरेंगे और कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।

इससे अलावा, वारिस पठान ने भाजपा को घेरते हुए एक विवादित बयान दे डाला। उन्होंने कहा कि भाजपा के अंदर कुछ नफरती चिंदू भरे हुए हैं, जो त्योहार के ताक में बैठे रहते हैं। कब त्यौहार आए और हम कुछ करें। अफरा-तफरी करो, नफरत फैलाओ। अगर कुछ नहीं हो पाया तो मॉब लिंचिंग करते हैं।

PM मोदी के UAE दौर पर उठाया सवाल

उन्होंने आगे कहा कि भारत के मुस्लमान के लिए मोदी के दिल में ज़हर भरा हुआ है। हर दिन गालिया, कठमुल्ला इत्यादि देते हैं, लेकिन जब पीएम यूएई गए तो वहां गले मिल रहे हैं। वहां वालों से मोहब्बत और यहां नफरत।

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