कुमार इंदर, जबलपुर। मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडौरी में जिला मुख्यालय से लगे ग्राम देवरा में जल संकट को लेकर महिलाओं ने सड़क पर खाली बर्तन रख देवरा तिराहा में विरोध प्रदर्शन किया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी और एसडीएम, तहसीलदार, पीएचई विभाग के ई मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। इसी दौरान भाजपा प्रशिक्षण वर्ग पर पहुंची PHE मंत्री संपतिया उइके से मिले आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम हटाया।

धार भोजशाला में रचेगा इतिहास: हाईकोर्ट के फैसले के बाद 721 साल में पहली बार शुक्रवार को होगी महाआरती

रोजाना पानी सप्लाई नहीं की जाती

दरअसल डिंडौरी से लगे ग्राम देवरा में PHE विभाग ने करोड़ों की लागत से जल जीवन योजना तो पहुंचा दी, लेकिन गुस्साए ग्रामीणों का सीधे आरोप है कि रोजाना पानी सप्लाई नहीं की जाती जिससे ग्रामीण दूर दराज से दूषित पानी लाने और पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने जब ठेकेदार सुरेन्द्र ओझा से पानी दिए जाने की मांग की तो उन्होंने ग्रामीणों से बदतमीजी कर दी। ग्रामीणों की मांग है कि पानी दिए जाने के साथ साथ ठेकेदार के खिलाफ कारवाई की जाए।

ठेकेदार सुरेन्द्र के खिलाफ मामला दर्ज

भाजपा प्रशिक्षण वर्ग पर पहुंची प्रदेश की PHE मंत्री संपतिया उइके तक यह बात पहुंची तो उन्होंने महिलाओं से उनकी समस्या जानी और ठेकेदार के खिलाफ कारवाई के निर्देश मौके पर ही दिए। पुलिस ने ठेकेदार सुरेन्द्र ओझा के खिलाफ विभिन्न धाराओं के मामला दर्ज कर लिया है। मंत्री ने मंडला और डिंडोरी में घटते जल स्तर को लेकर बदलते पर्यावरण को जिम्मेदार बताया।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m